नेचुरोपैथी में मिलेगा माइग्रेन का कारगर इलाज (सौ. सोशल मीडिया) 
हेल्थ

नेचुरोपैथी में छिपा है माइग्रेन के गंभीर दर्द का इलाज, जानिए इन 5 असरदार उपायों के बारे

Migraine Pain Relief: माइग्रेन का दर्द इतना गंभीर होता है कि, व्यक्ति खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाता है। डॉक्टर द्वारा बताए इलाज के अलावा नेचुरोपैथी की मदद से माइग्रेन की समस्या को मैनेज कर सकते है।

दीपिका पाल

Naturopathy Prevent Migraine: भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के लिए सेहत का अच्छी तरह से तरह से ख्याल रख पाना आसान नहीं होता है। इस दौर में हर कोई व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से परेशान होते है। इसमें तनाव और अवसाद के मामले देखने के लिए मिल ही जाते है। मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के लिए माइग्रेन की बीमारी बड़ी गंभीर समस्या है। माइग्रेन का दर्द इतना गंभीर होता है कि, व्यक्ति खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाता है।

वैसे तो इस समस्या के लिए लोग डॉक्टरी इलाज पर भरोसा करते है लेकिन नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में भी इस दर्द का इलाज छिपा है। चलिए जानते है कैसे करें नेचुरल तरीके से माइग्रेन का इलाज।

क्या है नेचुरोपैथी की चिकित्सा के बारे में

यहां पर नेचुरोपैथी की चिकित्सा की बात की जाए तो, यह एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो रोगों के इलाज के लिए प्राकृतिक तरीके का उपयोग करती है। इन प्राकृतिक तरीकों में आहार, योग, व्यायाम, और पानी, मिट्टी, सूर्य जैसी प्राकृतिक चिकित्साएँ आती है। इस नेचुरोपैथी चिकित्सा का उद्देश्य यह है कि, शरीर की आंतरिक उपचार शक्ति को बढ़ाकर बीमारियों को जड़ से खत्म करना है और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। अगर आप दवाईयों के अलावा इस प्राकृतिक तरीके को अपनाती है तो, समस्या पर आराम मिलता है।

इन नेचुरल तरीकों से करें माइग्रेन का इलाज

नेचुरोपैथी के जरिए आप माइग्रेन का इलाज कर सकते है। इसके लिए इन प्रकार के उपाय कारगर हो सकते है।

1-हाइड्रेटेड रहना जरूरी

माइग्रेन की समस्या से बचने के लिए पहले प्राकृतिक उपाय की बात करें तो, भरपूर मात्रा में पानी पिएं, नहीं तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए आप रोजाना दिन में थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पीते है तो हाइड्रेट बने रहेंगे और शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी। इसके लिए आप कम से कम दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।

2- मौसम के बदलाव पर रखें ख्याल

कई बार मौसम बदलने का असर तीव्र माइग्रेन की समस्या को बढ़ा देता है। मौसम बदलने के साथ आपको खानपान और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान देना जरूरी है। बदलते मौसम में सुस्ती और थकान से बचने के लिए आपको हेल्दी और मोटिवेटेड रहना जरूरी होता है। आप सही तरह के कपड़े पहने और खुद को हाइड्रेटेड रखें। बरसात औऱ सर्दी के दिनों में गर्म सूप या चाय और कॉफी पीकर भी खुद को एनर्जेटिक रख सकते हैं।

3- चाय और कॉफी का सेवन

माइग्रेन की समस्या के लिए सिर दर्द ज्यादा हो रहा है तो चाय या कॉफी का सेवन जरूर करें।चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से आराम दिला सकता है। आप दिन में एक से दो कप चाय-कॉफी पी सकते हैं। अगर आप ज्यादा चाय या कॉफी पीते है तो कैफीन नसों को आराम दिलाता है और नसों का तनाव कम करता है जिससे माइग्रेन की समस्या भी कम होती है।

4- तनाव को करें कम

माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए इस नेचुरल तरीके की बात करें तो, तनाव की स्थिति में होना इस बीमारी को बढ़ा देता है। आप तनाव को कम करने के लिए योग और प्राणायाम का अभ्यास कर सकते है। इसके अलावा सही डाइट और एक्सरसाइज रूटीन फॉलो करें। आपको फायदा मिलेगा।

5- भरपूर नींद लें

माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए नींद का कोटा पूरा करना जरूरी होता है। नींद की कमी से माइग्रेन का खतरा मंडराता है। अगर आप देर रात तक जागते हैं या कम समय तक सोते हैं तो इससे माइग्रेन शुरू हो सकता है। इसीलिए, आप रोजाना 7-8 घंटें की नींद सोएं। यह तरीका फायदेमंद हो सकता है।

नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का समय आ गया...CM नायब सैनी ने रेवाड़ी यूथ मैराथन को दिखाई हरी झंडी

शौर्य और वीरता की अमर गाथा, ओम बिरला समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मेजर धन सिंह थापा को किया याद

दिनेश शर्मा की नई पारी शुरू, अंडमान-निकोबार के बने उपराज्यपाल, राष्ट्रपति-PM समेत नेतृत्व का जताया आभार

झारखंड में साढ़े 3 साल में 3 मंत्रियों की मौत, संयोग या कुछ और, शिक्षा विभाग से जुड़े थे तीनों मंत्री

तमिलनाडु विधानसभा: CM विजय के विधानसभा संबोधन को लेकर छात्रों में बढ़ा उत्साह, विज़िटर पास के लिए उमड़ी भीड़