Running VS Cycling Calories Burned: अगर आप फिट रहने, स्टैमिना बढ़ाने या वजन कम करने के लिए कार्डियो एक्सरसाइज शुरू करना चाहते हैं, तो रनिंग और साइक्लिंग दो बेहतरीन एक्टिविटी हो सकते हैं, लेकिन इनमें से कौन ज्यादा असरदार है?
यह आपके फिटनेस गोल, वर्कआउट की इंटेंसिटी औऱ शरीर की जरूरत पर निर्भर करता है। दोनों ही एक्टिविटी हमारे कार्डियो वैस्कुलर हेल्थ के लिए अच्छी मानी जाती है।
अगर आपका गोल कैलोरी बर्न करना या वजन कम करना है, तो रनिंग अधिक कैलोरीज बर्न करती है। इसकी वजह यह है कि इसमें शरीर की ज्यादा मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और एक्सरसाइज का प्रभाव अधिक होता है। हालांकि साइकलिंग को लंबे समय तक करना आसान हो सकता है, इसलिए लंबे वर्कआउट में इससे भी अच्छी कैलोरीज बर्न की जा सकती है।
कोई भी शारीरिक गतिविधि कितनी देर और कितनी इंटेंसिटी से किया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है।
आपके शरीर के जॉइंट्स के लिए साइकलिंग अच्छा विकल्प है। रनिंग के दौरान पैर बार-बार जमीन पर पड़ते हैं, इससे शरीर पर अधिक प्रभाव पड़ता है। साथ ही साइकलिंग रनिंग की तुलना में लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज है, इसलिए कई लोगों के लिए इसे लंबे समय तक करना आसान होता है। हालांकि साइकलिंग में सही पॉश्चर व बाइक सेटअप भी जरूरी है। गलत पोजिशन से लोअर बैकपेन बढ़ सकता है।
साइकलिंग खासतौर पर पैरों और लोअर बॉडी मसल्स को मजबूत करने का करती है। लगातार पैडल चलाने से पैरों की मांसपेशियां इंगेज होती है, इसलिए यह लोअर बॉडी को मजबूत करने में मदद करती है। जब कि रनिंग पूरे शरीर की कई मांसपेशियों को एक्टिव करती है और मसल्स को मजबूत व टोन बनाने में मदद करती है।
अगर आपका उद्देश्य दिल की सेहत और स्टैमिना को सुधारना है, तो रनिंग और साइकलिंग दोनों ही अच्छे विकल्प है। दोनों को एक साथ इन-कार्पोरेट भी किया जा सकता है। नियमित एरोबिक एक्सरसाइज कार्डियो वैस्कुलर हेल्थ को सपोर्ट करती है।
अगर आप ज्यादा कैलोरी बर्न करने की सोच रहें हैं या आप इंटेंस वर्कआउट करना चाहते हैं, तो दौड़ना बेहतर है। दूसरी ओर, यदि आप लो इंपैक्ट कार्डियो करना चाहते हैं, तो साइकलिंग बेहतर होगा। उस एक्टिविटी का चयन करना चाहिए, जो आपके लिए आसान हो और जिसमें आप कंसिस्टेंट रह सके।