हेल्दी फूड फोटो.सोशल मीडिया
हेल्थ

Prebiotic Foods: आंतों की सेहत सुधारने के लिए खाएं ये 10 प्रीबायोटिक फूड्स, लहसुन और ओट्स भी शामिल

Gut Health के लिए प्रीबायोटिक फूड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है। जानें 10 ऐसे खाद्य पदार्थ, जो आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को पोषण देने में मदद करते हैं।

रीता राय सागर

Prebiotic Foods for Gut Health: शरीर को स्वस्थ रखने में आंतों की सेहत बेहद जरूरी है। पाचन तंत्र में मौजूद गुड बैक्टीरिया को पोषण देने में प्रीबायोटिक फूड्स मददगार होते हैं। प्रीबायोटिक्स ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जिन्हें हमारी आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया इस्तेमाल करते हैं। खासतौर पर कुछ तरह के फाइबर रिच फूड इस कैटेगरी में आते हैं।

रोज के भोजन में कई ऐसे खाद्य पदार्थ आसानी से शामिल किए जा सकते हैं, जो प्राकृतिक रूप से प्रीबायोटिक फाइबर से भरपूर होते हैं। यहां जानें ऐसे ही 10 खाद्य पदार्थों के बारे में।

लहसुन

लहसुन में इन्यूलिन और फ्रुक्टान जैसे प्रीबायोटिक घटक पाए जाते हैं, जो आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं।

प्याज

प्याज में इन्यूलिन और फ्रुक्टो-ओलिगोसैकराइड्स (एफओएस) जैसे फाइबर पाए जाते हैं। इन्हें भोजन में शामिल करना आंतों के माइक्रोबायोम के लिए फायदेमंद होता है।

लीक

लीक प्याज और लहसुन फैमिली की ही एक सब्जी है और इसमें प्रीबायोटिक फाइबर पाया जाता है। इसे सूप, सब्जी या सलाद में शामिल किया जा सकता है।

शतावरी

शतावरी यानी एस्पैरेगस इन्यूलिन जैसे प्रीबायोटिक फाइबर का स्रोत है। यह आहार में फाइबर बढ़ाने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

कच्चा या हल्का हरा केला

थोड़े कच्चे केले में रेजिस्टेंट स्टार्च अधिक पाया जाता है, जो प्रीबायोटिक की तरह काम करता है और आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया को पोषण देता है।

चिकोरी रूट

चिकोरी की जड़ इन्यूलिन का समृद्ध स्रोत मानी जाती है। इन्यूलिन आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए प्रीबायोटिक फाइबर का काम करता है।

ओट्स

ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक सॉल्यूबल फाइबर पाया जाता है। यह आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

सेब

सेब में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जिसमें प्रीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। छिलके समेत सेब खाने पर फाइबर की मात्रा और बढ़ जाती है।

जौ

जौ बीटा-ग्लूकन और अन्य फाइबर का अच्छा स्रोत है। यह आंतों के माइक्रोबायोम में लाभकारी बैक्टीरिया के लिए पोषण उपलब्ध कराने में मदद करता है।

अलसी के बीज

अलसी में भरपूर फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो पाचन को बेहतर रखने और आंतों के स्वास्थ्य को सहारा देते हैं। नियमित मात्रा में अलसी का सेवन आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है।

CJP Protest LIVE: आप सब कुछ नहीं रोक सकते, दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन की पाबंदियों पर SC की टिप्पणी

Bypoll Results 2026 Live: बंगाल-असम में BJP तो तमिलनाडु में TVK ने मारी बाजी, देखें ताजा अपडेट

कौन हैं नवी पिल्लै, जिन्हें मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार? भारत से भी है कनेक्शन

मुंबई से दिल्ली जाने वाले सावधान! CJP के प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद्द व री-शेड्यूल, देखें लिस्ट

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार सूरज ढलने के बाद क्यों हुआ? बेटे मल्हार पाटेकर ने बताई वजह