क्वालिटी चेक में फेल हुई पैरासिटामोल (सौ.सोशल मीडिया) 
हेल्थ

सावधान ! आप कर रहे हैं पैरासिटामोल का इस्तेमाल, क्वालिटी चेक में फेल हुई ये दवाई

हम किसी भी दर्द पर आराम के लिए कम समय में राहत मिल जाए इसके लिए पैरासिटामोल जैसी दवाईयों का इस्तेमाल करते है इसे लेकर चौंकानी वाली रिपोर्ट आई है। इसके अनुसार दवाईयां गुणवत्ता के पैमाने पर खरी नहीं उतरी है।

दीपिका पाल

Paracitamol Uses: शरीर के किसी दर्द के लिए हम पैरासिटामोल दवाओं का सेवन कर लेते है इससे दर्द से तो आराम मिल ही जाता है लेकिन हाल ही में इसे लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। जिसके अनुसार पैरासिटामोल समेत 53 दवाईयां क्वालिटी चेक में खरी नहीं उतर पाई है। इसे लेकर केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में इसे लेकर खुलासा किया है।

इन दवाईयों के कम इस्तेमाल पर जोर देते हुए रिपोर्ट पेश की गई है जिसके अनुसार दवाईयों के साथ इंजेक्शन भी क्वालिटी का पैमाना पूरा नहीं कर पाया है।

यह कंपनी बनाती है दर्द निवारक दवाईयां

यहां पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, CDSCO ने पैरासिटामोल समेत पैंटोसिड टैबलेट को भी क्वालिटी में फेल बताया है जिसका इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा मल्टीविटामिन में शामिल कैल्शियम और विटामिन की दवाईयों को भी क्वालिटी चेक में पास नहीं किया गया है। इसे लेकर सीडीएससीओ ने अपनी रिपोर्ट में दरअसल फर्जी, मिलावटी और गलत ब्रांडिंग वाली दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, टीकों और सौंदर्य प्रसाधनों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में पैरासिटामोल दवाई के अलावा पल्मोसिल (सिल्डेनाफिल इंजेक्शन), पैंटोसिड (पैंटोप्राजोल टैबलेट आईपी), उर्सोकोल 300 (अर्सोडियोक्सीकोलिक एसिड गोलियां भारतीय फार्माकोपिया) को शामिल किया गया है।

लिवर के इलाज वाली दवाई भी हुई फेल

यहां पर दवाईयां क्वालिटी के पैमाने पर फेल हो गई है तो वहीं पर शेलकल और पुल्मोसिल इंजेक्शन भी इस रेस में अपनी गुणवत्ता साबित नहीं कर पाए है। इन इंजेक्शन का इस्तेमाल दरअसल हाई ब्लड प्रेशर के निवारण के लिए करते है। लिवर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाई उर्सोकोल 300 टैबलेट भी गुणवत्ता के पैमाने पर फेल हो गई है। इसके अलावा इन दवाईयों में टेल्मा एच (टेल्मिसार्टन 40 मिलीग्राम और हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड 12.5 मिलीग्राम टैबलेट आईपी), डेफ्लाजाकोर्ट टैबलेट (डेफकोर्ट 6 टैबलेट) दवाई का नाम भी आता है।

इसके साथ ही मानक गुणवत्ता में सही नहीं पाए जाने वाली 48 दवाइयों को भी कई पैमाने पर अनफिट बताया गया है। इन सभी दवाईयों को लेकर लिस्ट में इन्हें प्राय: इस्तेमाल के लिए नुकसानदायक बताया गया है। बता दें कि, किसी भी बीमारी के इलाज में सबसे सस्ती और कम समय पर आराम देने के लिए यह दवाईयां कारगर रही है।

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