नींद और वर्कआउट (सौ. सोशल मीडिया)  
हेल्थ

Sleep and Gym: कैसे अधूरी नींद बिगाड़ सकती है आपकी पूरी मेहनत, धीमी हो जाती है मसल रिकवरी, बरतें सावधानी

Lack Of Sleep Affect: आज के युवाओं के लाइफ स्टाइल का हिस्सा हो गया है जिम, वर्कआउट, रनिंग व योगा जैसी चीजें, लेकिन इन सबके बीच यदि आपने अपनी नींद पूरी नहीं की, तो आपको इसका भारी नुकसान हो सकता है।

रीता राय सागर

Lack Of Sleep Affect Muscles Recovery: आजकल लोग अपनी सेहत के प्रति काफी जागरूक हो गए है। हर कोई जिम, योग, रनिंग, पिलाटे, वॉकिंग व स्पोर्ट्स जैसी एक्टिविटी में शामिल हो रहा है। लोग डाइट, सप्लीमेंट्स व हाइड्रेशन जैसी कई चीजों का ख्याल रख लेते है लेकिन जब बात नींद की होती है तो उसे इग्नोर किया जाता है।

जबकि नींद हमारे ओवर ऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। नींद मसल रिकवरी व ग्रोथ के लिए सप्लीमेंट्स से कहीं ज्यादा जरूरी है। यूं तो 8 घंटे की नींद सभी के लिए अति आवश्यक है, लेकिन यदि आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं, तो पके लिए नींद रामबाण का काम कर सकती है।

क्यों जरूरी है गहरी नींद

नींद की कमी होने पर हमारा शरीर ग्रोथ हॉर्मोन नहीं बना पाता है। जिससे ग्रोथ में रूकावट आती है। इससे मसल्स को रिपेयर होने में वक्त लगता है और शरीर में लंबे समय तक दर्द बना रहता है। नींद पूरी न होने पर कार्टिसोल लेवल हाई हो जाता है, ऐसे में आपने जितनी मेहनत से मसल बनाई है, वह उतनी ही तेजी से टूटने लगती है।

अच्छी नींद से कैसे होती है रिकवरी फास्ट

हॉर्मोन रिलीज

जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारा शरीर ग्रोथ हॉर्मोन रिलीज करता है, जो मसल्स रिपेयर और डेवलपमेंट के लिए काम करता है। यह हॉर्मोन मसल टिश्यू को रिबिल्ड करने में मदद करता है और नई मांसपेशियों के विकास को प्रोत्साहित करते हैं।

प्रोटीन सिंथेसिस

जब आप अच्छी नींद लेते हैं, तो आपका शरीर प्रोटीन सिंथेसिस करता है, जिससे नई मसल्स फाइबर की रिपेयरिंग और रीबिल्डिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। आसान भाषा में कहें, तो इससे डैमेज मसल टिश्यू रिपेयर होते है। पर्याप्त नींद न लेने से यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

सूजन कम होना

पर्याप्त नींद लेने से शरीर में सूजन कम होती है और मसल्स में दर्द व अकड़न कम होती है। नींद से फोकस भी बढ़ता है और आप अगले दिन वर्कआउट के लिए अधिक तैयार रहते है।

चोट का जोखिम कम होना

कम नींद से वर्कआउट के दौरान चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से थका हुआ रहता है और हेवी वर्कआउट या ट्रेनिंग के दौरान कंट्रोल खोकर चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए चोट लगने के जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। स्वस्थ शरीर को रोजाना 7-9 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

कैसे पूरी करें नींद

  • रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें। अपने शरीर के लिए एक रूटीन बनाएं और उसका सख्ती से पालन करें।
  • सोने से पहले अपने शरीर व मन को शांत करें। कुछ योग क्रियाएं हैं, जिससे नींद बेहतर होता है। सोने से पहले पढ़ना, स्ट्रेचिंग या ध्यान जैसे शांतिपूर्ण कार्य करें।
  • स्क्रीन टाइम को सोने से एक घंटे पहले बंद कर दें। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट से स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन प्रभावित होती है। यही कारण है कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर देना चाहिए। सोने से पहले अपने मोबाइल, टैब, लैपटॉप जैसे गैजेट्स को दूर रख दें।
  • अपने कमरे में अच्छा माहौल बनाएं। खुशनुमा और आंखों के लिए सॉफ्ट लाइट लगाएं। कमरे में आप कैंडल का बी इस्तेमाल कर सकते है।
  • सोने से पहले लाइट खाना खाएं। रात की नींद से पहले हल्का भोजन करें। सोने के 2 घंटे पहने भोजन कर लेना चाहिए। इससे सोने से पहले तक हमारा भोजन पच जाता है और स्लीप क्वालिटी बेहतर होती है।

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