टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करता व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक) 
हेल्थ

Health Tips: सावधान! क्या आप भी टॉयलेट में ले जाते हैं मोबाइल, बाहर आती हैं ये गंभीर बीमारियां

Health Risk: आजकल बहुत से लोग टॉयलेट में मोबाइल फोन ले जाने की आदत बना चुके हैं, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठना से शरीर में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

प्रीति शर्मा

Toilet Mobile Habit: आज की हाई-टेक दुनिया में लोग एक पल के लिए भी स्मार्टफोन से दूर नहीं रह पाते। रील देखने और सोशल मीडिया अपडेट्स चेक करने की लत इतनी बढ़ गई है कि अब लोग टॉयलेट सीट पर भी फोन साथ लेकर जाते हैं। पहली नजर में यह सामान्य लग सकता है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधों के अनुसार यह आदत आपके शरीर को बीमारियों का घर बना रही है।

पाइल्स और पाचन तंत्र पर हमला

टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा नुकसान पाइल्स के रूप में सामने आता है। जब आप फोन चलाते हैं तो आप जरूरत से ज्यादा समय कमोड पर बिताते हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से रेक्टम की नसों पर दबाव पड़ता है जिससे बवासीर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा मस्तिष्क का ध्यान फोन में होने के कारण पेट पूरी तरह साफ नहीं होता जो कब्ज और खराब पाचन की जड़ है।

रीढ़ की हड्डी और सर्वाइकल का खतरा

बाथरूम में फोन का उपयोग करते समय हमारा पोस्चर (बैठने का तरीका) बेहद खराब होता है। गर्दन और कंधों को लगातार नीचे की ओर झुकाए रखने से रीढ़ की हड्डी पर असहनीय दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे गर्दन में अकड़न, तेज सिरदर्द और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का जोखिम बढ़ जाता है। अगर आपको पहले से पीठ दर्द है तो यह आदत उसे और अधिक गंभीर बना सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)

बैक्टीरिया का कारण

टॉयलेट एक ऐसी जगह है जहां सबसे ज्यादा कीटाणु और हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं। जब आप वहां फोन ले जाते हैं तो ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया फोन की सतह पर चिपक जाते हैं। बाथरूम से बाहर निकलने के बाद आप हाथ तो धो लेते हैं लेकिन फोन को सैनिटाइज नहीं करते। वही फोन जब आप खाते समय या चेहरे के पास इस्तेमाल करते हैं तो ये बैक्टीरिया सीधे आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

शरीर में संक्रमण का खतरा

हमारा शरीर विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए मस्तिष्क के संकेतों पर निर्भर करता है। जब दिमाग मोबाइल की रील या खबरों में व्यस्त होता है तो मल त्याग की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित होती है। इससे पेट में गंदगी जमा रह जाती है जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में संक्रमण और सुस्ती का कारण बनती है।

आपकी 5 मिनट की रील स्क्रॉलिंग घंटों की शारीरिक पीड़ा में बदल सकती है। इसलिए बेहतर है कि टॉयलेट को डिजिटल-फ्री ज़ोन बनाएं और अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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