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क्या आप भी हैं PCOS की शिकार? इन 5 मामूली संकेतों को पहचानने में न करें देरी

PCOS Symptoms: आजकल महिलाओं में PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

प्रीति शर्मा

PCOS Early Symptoms: पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) आज के दौर में महिलाओं की एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह बीमारी अचानक नहीं आती बल्कि धीरे-धीरे छोटे संकेतों के रूप में दस्तक देती है। अक्सर हम तनाव या खराब खान-पान समझकर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं जो आगे चलकर फर्टिलिटी के लिए खतरा बन सकता है।

पीसीओएस एक ऐसी हार्मोनल गड़बड़ी है जिससे दुनिया भर में हर दस में से एक महिला प्रभावित है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई महिलाएं इसके लक्षणों को पहचान ही नहीं पातीं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर समय रहते इन संकेतों को पकड़ लिया जाए तो डायबिटीज और गर्भधारण जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

अनियमित पीरियड्स

शरीर की बिगड़ी लय पीरियड्स का 35 दिनों से ज्यादा देरी से आना या महीनों तक न आना पीसीओएस लक्षणों में प्रमुख है। इसमें ओव्यूलेशन नियमित नहीं होता, जिससे हार्मोन असंतुलन पैदा हो जाता है। कई महिलाओं को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग और थकावट का सामना भी करना पड़ता है।

जिद्दी वजन

इंसुलिन रेजिस्टेंस का असर अगर कड़ी मेहनत और डाइट के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा, तो यह आपकी इच्छाशक्ति की कमी नहीं बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है। पीसीओएस में शरीर शुगर को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे खासकर पेट के आसपास चर्बी तेजी से जमने लगती है।

अनचाहे बाल

चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल ठुड्डी, ऊपरी होंठ या छाती पर मोटे और कड़े बाल आना 'एंड्रोजन' (पुरुष हार्मोन) के बढ़ने का संकेत है। इसे चिकित्सा भाषा में 'हिर्सुटिज्म' कहते हैं। यदि वैक्सिंग के बाद भी बाल तेजी से लौट रहे हैं, तो यह हार्मोनल बदलाव की ओर इशारा है।

काले पैच

त्वचा पर काले पैच गर्दन के पीछे, बगल या जांघों के पास त्वचा का गहरा, काला और मखमली होना पीसीओएस का एक अहम संकेत है। यह बताता है कि आपके शरीर को ब्लड शुगर संभालने में दिक्कत हो रही है।

गर्भधारण में समस्या

गर्भधारण में समस्या अक्सर महिलाओं को पीसीओएस का पता तब चलता है जब वे मां बनने की कोशिश करती हैं। ओव्यूलेशन की अनियमितता के कारण गर्भ ठहरने में देरी हो सकती है। हालांकि सही इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ प्रेगनेंसी संभव है।

पीसीओएस को केवल दवाओं से नहीं बल्कि सही डाइट और एक्सरसाइज से भी नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आप इनमें से कोई भी लक्षण महसूस कर रही हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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