What is Naturopathy: भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी की सेहत सुरक्षित और हेल्दी नहीं रह पाती है। अच्छा पाचन, अच्छे स्वास्थ्य की बुनियाद रखता है। काम में व्यस्त होने की वजह से हम ठीक से खाना भी नहीं खा पाते है। गलत खानपान, तनाव और नींद की वजह से लोगों को कब्ज, गैस और अपच की समस्याएं होती है। इस समस्या के लिए नेचुरोपैथी कारगर उपाय में से एक है। यह आयुर्वेद की बेस्ट थेरेपी है।
नेचुरोपैथी में उपचार पूरी तरह प्राकृतिक तरीकों से होता है, जो प्रकृति के सिद्धांतों जैसे जल, वायु, सूर्य, आहार और जीवनशैली पर आधारित होता है। इस थेरेपी में ही एक कोल्ड हिप बाथ थेरेपी का नाम सामने आता है।
रिसर्च के अनुसार, नेचुरोपैथी में कोल्ड हिप बाथ ( ठंडे पानी के टब में बैठना) आसान उपाय आता है। नेचुरोपैथी में गट हेल्थ (आंतों का स्वास्थ्य) को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यह आसान उपाय पाचन को बेहतर बनाता है तो वहीं पर आंतों की सेहत में सुधार लाता है। अगर आप लंबे समय से कब्ज या पेट फूलने की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो दवाइयों के बजाय इस प्राकृतिक उपाय को जरूर आजमाएं। कोल्ड हिप बाथ करने से शरीर की गर्मी संतुलित होती है और आंतों की क्रिया स्वाभाविक रूप से बेहतर होती है। इसके साथ अगर आप फाइबर युक्त आहार, जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज को अपने भोजन का हिस्सा बना लें, तो इसका असर और भी बढ़ जाता है।
नेचुरोपैथी में शामिल कोल्ड हिप बाथ करने का तरीका सबसे आसान माना जाता है। इसमें ठंडे पानी से भरे टब में कुछ समय के लिए कमर तक बैठना। इस प्रक्रिया से पेट और आंतों के आसपास का रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे पाचन क्रिया तेज होती है, कब्ज में राहत मिलती है और पेट की सूजन कम होती है।
बताया जाता है कि, नेचुरोपैथी के जरिए शरीर खुद में ही हीलिंग की ताकत को बनाए रखता है साथ ही सही माहौल देने की जरूरत बनाता है। इसलिए नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, हल्की कसरत और सकारात्मक सोच के साथ अगर आप कोल्ड हिप बाथ जैसी साधारण प्रक्रियाएं अपनाते हैं, तो पाचन तंत्र ही नहीं, पूरा शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करेगा।
आईएएनएस के अनुसार