4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में छोड़ें।
यह तकनीक तनाव और बेचैनी के समय रिलैक्स करने में मदद करती है।
बेहतर नींद और मानसिक शांति के लिए इसे सोने से पहले किया जाना चाहिए।
Breathing Exercise for Stress: काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और भागदौड़ भरी जिंदगी से कई लोगों को मानसिक तनाव होता हैं। इसका असर न सिर्फ मूड बल्कि नींद और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है। ऐसे में खुद को रिलैक्स करने के लिए 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्नीक आजमा सकते हैं।
यह सांस लेने का एक आसान तरीका है, जिसमें सांस लेने, रोकने और छोड़ने के लिए एक निश्चित समय तय किया जाता है। आइए जानते हैं इसे करने का सही तरीका और इससे होने वाले फायदे के बारे में।
4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक को रिलैक्सेशन ब्रीदिंग कहा जाता है। इसमें 4 सेकंड तक सांस अंदर ली जाती है, 7 सेकंड तक रोकी जाती है और फिर 8 सेकंड में धीरे-धीरे बाहर छोड़ी जाती है। इस प्रक्रिया से सांसों की गति धीमी करने और शरीर को आराम देने में मदद मिलती है। इसे करने के लिए किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं।
इसे परफॉर्म करने के लिए सबसे पहले अपनी जीभ की नोक को ऊपर के सामने वाले दांतों के पीछे रखें। मेंटल स्ट्रेस को कम करने के लिए मुंह बंद करके नाक से 4 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस अंदर लें। अब 7 सेकंड तक सांस रोककर रखें। इसके बाद मुंह से धीरे-धीरे 8 सेकंड तक सांस बाहर छोड़ें। इसे शुरुआत में 3-4 बार दोहराएं।
इस तकनीक से तनाव कम करने में मदद मिलती है। धीरे-धीरे सांस लेने से शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिलती है। इससे तनाव महसूस होने पर मन शांत करने में मदद मिलती है।
इस ब्रीदिंग तकनीक को सोने से पहले अभ्यास करने से मन शांत होता है और नींद अच्छी आती है।
सांस लेने की इस तकनीक से बेचैनी कम होती है। सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से बार-बार आने वाले नकारात्मक विचार मन से हटते हैं।
इस ब्रीदिंग टेक्निक से मन एकाग्र होता है। कुछ मिनट सांसों पर ध्यान लगाने से मन वर्तमान पर केंद्रित हो पाता है।