योगासन करती महिला (सौ. एआई) 
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Yoga Poses For Period Pain: पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से चाहिए तुरंत राहत? ये 6 योगासन से दूर होगी सारी थकान

Easy Yoga For Menstrual Pain: पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द और ऐंठन महिलाओं के लिए काफी परेशान करने वाला हो सकता है। ऐसे में दवाइयों के बजाय कुछ योगासन अपनाकर प्राकृतिक तरीके से राहत पा सकते हैं।

प्रीति शर्मा

Period Pain Relief Yoga: मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और अनियमित चक्र जैसी समस्याएं आज के समय में अधिकांश महिलाओं को प्रभावित करती हैं। इस दौरान होने वाली शारीरिक और मानसिक असहजता न केवल दैनिक कामकाज में बाधा डालती है बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है।

हालांकि इन समस्याओं का समाधान योग के माध्यम से प्राकृतिक तरीके से किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग अभ्यास न केवल मासिक धर्म चक्र को संतुलित रखता है बल्कि इस दौरान होने वाली पीड़ा और मानसिक तनाव को भी प्रभावी ढंग से कम करता है।

सुप्त बद्ध कोणासन

बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए सुप्त बद्ध कोणासन को बेहद प्रभावी माना गया है। यह आसन पेल्विक क्षेत्र को खोलने में मदद करता है जिससे उस क्षेत्र में रक्त का संचार बढ़ता है और पेट व कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द में कमी आती है।

पश्चिमोत्तानासन

इसके साथ ही पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास भी बहुत लाभकारी है। यह आसन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को गहरा खिंचाव देता है, जिससे मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन और दर्द से राहत मिलती है साथ ही यह तनाव को कम करने में भी सहायक है।

योगासन करती महिला (सौ. फ्रीपिक)

वक्रासन

अक्सर पीरियड्स के दौरान पाचन संबंधी समस्याएं और चक्र की अनियमितता देखी जाती है। इसके लिए वक्रासन की सलाह दी जाती है। रीढ़ की हड्डी को मोड़ने वाला यह विशिष्ट आसन पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है और मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है।

सेतु बंधासन

वहीं सेतु बंधासन कमर और पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ-साथ शरीर में हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

बालासन और विपरीत करनी आसन

पीरियड्स के दिनों में थकान और मूड स्विंग्स को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में बालासन शरीर को गहरी विश्रांति प्रदान करता है और मानसिक तनाव को शांत करता है। इसके अतिरिक्त विपरीत करणी (दीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटना) आसन रक्त प्रवाह में सुधार लाता है जिससे पैरों में होने वाली सूजन और थकान कम होती है।

योग अभ्यास के दौरान माइंडफुलनेस बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि ये आसन घर पर आसानी से किए जा सकते हैं लेकिन यदि पीरियड्स के दौरान दर्द असहनीय हो तो तुरंत डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। योग के साथ-साथ स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और अच्छी नींद मासिक धर्म स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य स्तंभ हैं।

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