प्रेग्नेंस औरत और शरीफा की तस्वीर (सौ.. फ्रीपिक 
हेल्थ

प्रेगनेंसी की थकान और कब्ज से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें यह एक फल

Benefits of Custard Apple: प्रेग्नेंस औरतों को जल्दी थकान और कब्ज जैसी समस्या काफी ज्यादा परेशान करती है। ऐसे में एक फल मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए वरदान से कम नहीं माना जाता है।

प्रीति शर्मा

Pregnancy Diet: गर्भावस्था के समय महिला का शरीर बहुत संवेदनशील हो जाता है। इस दौरान मां का शरीर सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि गर्भ में विकसित हो रहे शिशु की जरूरतों को भी पूरा करता है। ऐसे में आहार को लेकर कई सवाल मन में जरूर आते हैं कि क्या खाना चाहिए, कितना खाना चाहिए और क्या खाने से मां को ऊर्जा मिलेगी।

इन्हीं पोषक आहार विकल्पों में एक महत्वपूर्ण फल है शरीफा जिसे कस्टर्ड एप्पल या सीताफल के नाम से भी जाना जाता है।

थकान दूर करे

आयुर्वेद में शरीफा को बल्य यानी शक्ति देने वाला फल माना गया है। वहीं विज्ञान भी मानता है कि शरीफा पोषण का भंडार है। इसका स्वाद मीठा होता है। यह शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए धीरे-धीरे ताकत देता है। गर्भावस्था में जब महिला का शरीर जल्दी थक जाता है और पाचन कमजोर हो जाता है तब शरीफा बहुत लाभदायक होता है।

शरीर को मिलती है एनर्जी

शरीफा में प्राकृतिक शर्करा होती है जो शरीर में जाते ही धीरे-धीरे ऊर्जा में बदल जाती है। गर्भावस्था में महिला को बार-बार कमजोरी महसूस होती है और चक्कर आते हैं। शरीफा खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है जिससे मां खुद को थोड़ा हल्का और मजबूत महसूस करती है। यही ऊर्जा रक्त के जरिए गर्भ में पल रहे बच्चे तक भी पहुंचती है।

शरीफा (सौ. फ्रीपिक)

पाचन समस्या दूर करे

आयुर्वेद के अनुसार शरीफा वात को शांत करता है। गर्भावस्था में वात बढ़ने से पेट दर्द, गैस, बेचैनी और नींद की कमी जैसी समस्याएं होती हैं। शरीफा का गूदा पेट में जाकर ठंडक देता है आंतों को मुलायम बनाता है और पाचन को सहज करता है।

शरीफा में भरपूर फाइबर होता है जो कब्ज को दूर करता है। गर्भावस्था में कब्ज एक आम समस्या है और शरीफा इसे बिना दवा के ठीक करने में मदद करता है।

मां का मूड बेहतर करे

शरीफा में विटामिन बी6 पाया जाता है जो गर्भावस्था के लिए बहुत जरूरी होता है। यह विटामिन बच्चे के दिमाग के विकास में मदद करता है। साथ ही यह मां के मूड को भी संतुलित करता है। गर्भावस्था में हार्मोन बदलते हैं जिससे चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है। शरीफा इन भावनात्मक उतार-चढ़ाव को शांत करने में मदद करता है।

विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीफा को और खास बनाते हैं। ये तत्व मां की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसका मतलब है कि मां का शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। जब मां स्वस्थ रहती है तो बच्चा भी सुरक्षित रहता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की अंदरूनी सफाई करते हैं जिससे खून साफ रहता है और बच्चे तक साफ पोषण पहुंचाता है।

शरीफा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं। आयरन खून बनाने में मदद करता है जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों की नींव मजबूत करता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक होता है।

शरीफा में मौजूद ये सभी तत्व मिलकर मां के शरीर को संतुलन में रखते हैं और बच्चे के विकास को सही दिशा देते हैं। इसलिए गर्भावस्था में शरीफा खाना फायदेमंद बताया गया है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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