Ganesh Chaturthi Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। खासकर उकडीचे मोदक महाराष्ट्र की पारंपरिक मिठाई है, जिसमें चावल के आटे की नरम परत के अंदर नारियल और गुड़ की मीठी भरावन होती है। इसे भाप में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है।
2 कप चावल का आटा
2 कप पानी
2 छोटे चम्मच घी
1 चुटकी नमक
2 कप कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल
2 कप कटा हुआ गुड़
2 छोटे चम्मच भुनी हुई खसखस
½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
½ छोटा चम्मच जायफल पाउडर
पसंद के सूखे मेवे
थोड़ा घी
सबसे पहले एक बर्तन में पानी, घी और एक चुटकी नमक डालकर उबालें। पानी में उबाल आने पर चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। गैस बंद करके बर्तन को ढक दें और करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हाथों को थोड़ा गीला करके आटे को अच्छी तरह मसलें, ताकि यह नरम और चिकना हो जाए।
एक कड़ाही में कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। गुड़ को पिघलाकर नारियल के साथ अच्छी तरह मिल जाने पर इसमें इलायची, जायफल, भुनी खसखस और बारीक कटे सूखे मेवे डालें। मिश्रण को चलाते हुए पकाएं और फिर गैस बंद कर दें। भरावन को ठंडा होने दें।
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और हाथों से दबाकर पतली पूरी जैसा आकार दें। इसके बीच में नारियल-गुड़ की भरावन रखें। अब किनारों को धीरे-धीरे मोड़ते हुए कलियां बनाएं और सभी किनारों को ऊपर की तरफ लाकर बंद कर दें। इस तरह मोदक का पारंपरिक आकार तैयार हो जाएगा।
एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करें और उसके ऊपर ऐसी प्लेट रखें जिस पर मोदक रखे जा सकें। प्लेट पर थोड़ा घी लगाएं ताकि मोदक चिपके नहीं। मोदक रखकर उन्हें ढक दें और धीमी आंच पर करीब 15-20 मिनट तक भाप में पकने दें। पकने के बाद ऊपर से थोड़ा घी डालकर बप्पा को भोग लगाएं।
गर्मागर्म उकडीचे मोदक को गणपति बप्पा को नैवेद्य के रूप में अर्पित करें। पारंपरिक रेसिपी बेहद सरल है। इसमें नारियल-गुड़ की भरावन और भाप में पकाने की विधि ही बेहद खास है।