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सावन में इन बातों का ज़रूर रखें ख़्याल, जानबूझकर की गई गलती से भुगतने पड़ सकते हैं परिणाम

वैष्णवी वंजारी

सीमा कुमारी

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस बार सावन शिव भक्तों के लिए बहुत खास रहने वाला है क्योंकि, इस बार सावन पूरे दो महीने का है और इस दौरान पूरे 8 सावन सोमवार आएंगे। शिव भक्त तो इस महीने का खास तौर पर बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस दौरान भोलेनाथ जी की पूजा-अर्चना से विशेष फल मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि, भगवान शिव इस महीने में कैलाश पर्वत छोड़कर धरती पर विचरण करने के लिए आते हैं। लेकिन इस महीने में भगवान शिव को कुछ चीजें नाराज कर सकती हैं। आइए जानें इसके बारे में-

शास्त्रों के अनुसार, सावन के महीने में प्याज, लहसुन और मांस का सेवन करना पाप  है। वहीं सब्जी में बैंगन का सेवन भी वर्जित है।इस महीने में बाल और दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए। नाखून काटने से भी बचना चाहिए।सावन का महीना तप और साधना का माना जाता है, तो कोशिश करें कि इस महीने में आराम देने वाली चीजों से दूर रहें। ऐसा भी कहा जाता है कि गद्दे पर नहीं सोना चाहिए। जमीन पर सोना बेहतर रहेगा। इस पावन महीने में दूध के सेवन से भी बचें। हालांकि आप शिवलिंग का दूध से अभिषेक कर सकती हैं। कांसे के बर्तन में खाना ना खाएं।

भगवान विष्णु की उपासना तुलसी दल के बिना पूर्ण नहीं होती,परन्तु भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल का प्रयोग वर्जित माना गया है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था। इसलिए उन्होंने स्वयं भगवान शिव को अपने अलौकिक और दैवीय गुणों वाले पत्तों से वंचित कर दिया। मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए।

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