HIGHLIGHTS
झारखंड की आदिवासी लीडर निशा भगत की मौत
कहा- सरकार का फंडाफोड़ करना यदि गलत है तो ये मेरी मौत है
निशिकांत दुबे, जुएल उरांव ने भी जताया दुख
Jharkhand Tribal Leader Nisha Bhagat: चौंकाने वाली बात ये है कि आज फेसबुक लाइक आने के बाद झारखंड की आदिवासी लीडर निशा भगत ने आत्महत्या क्यों की। उन्होंने लाइव के दौरान पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर कहा था कि वो अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रही हैं।
इसका बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, लाइव आने के 2 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच में जुट गई है।
झारखंड की आदिवासी लीडर निशा भगत अब इस दुनिया में नहीं रहीं। वे आदिवासी समाज के अधिकारों और अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता थीं।
निशा भगत सरना धर्म कोड, जल-जंगल-जमीन, आदिवासी जमीन की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाती थीं। सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी के कारण आदिवासी समाज में उनकी अलग पहचान बन गई थी।
इतना ही नहीं, आदिवासी लीडर निशा भगत केंद्रीय सरना समिति की उपाध्यक्ष भी रह चुकीं थीं। सरना धर्म को अलग धार्मिक पहचान दिलाने की मांग उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल था। वे आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा की पक्षधर थीं।
इसके अलावा आदिवासियों की जमीन पर कथित अवैध कब्जे, जमीन की खरीद-बिक्री में अनियमितता और आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को भी उठाती थीं। उन्होंने फेसबुक लाइव में ये भी जिक्र किया कि उन्हें भू-माफिया परेशान कर रहे थे लेकिन झारखंड की हेमंत सरकार ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
आदिवासी लीडर निशा भगत की मौत के बाद सोशल मीडिया 'X' पर कई नेता हेमंत सरकार की नीतियों का विरोध करते दिखे। निशिकांत दुबे ने एक्स पर कहा कि झारखंड की बेटी निशा भगत ने आज पूरे देश के सामने आत्महत्या कर ली।
इंडिया गठबंधन की सरकार के सामने मजबूत बेटी ने माफियाओं के सामने मजबूरी में जान दे दी, नाम दो ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का और विदेशी ताकतों के एजेंट अजय तिरकी का। आगे उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार इतनी ताकतवर है कि ये केस तो चलेगा, लेकिन सिर्फ लीपा पोती ही होगी।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि झारखंड में सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता निशा भगत की फेसबुक लाइव के दौरान आत्महत्या की घटना बेहद चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। ये घटना राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
निशा भगत ने आखिरी फेसबुक लाइव में कहा- 'जोहार, नमस्कार, जो लोग कहते हैं कि निशा सरना सनातन की नींव हैं। आज एक मजबूत लड़की हार गई। किसी का सच उजागर करना, झारखंड राज्य में सरकार का फंडाफोड़ करना यदि गलत है तो ये मेरी मौत है। मुझे ये बहुत पहले समझ जाना चाहिए था कि हेमंत सरकार के अंडर जितने भी भू-माफिया हैं मुझे नहीं पता था कि इनकी वजह से ही मेरी मौत लिखी है'।