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JSSC ऑफिस में CID की बड़ी रेड! सचिव से हुई पूछताछ, CGL परीक्षा में धांधली की जांच तेज

JSSC CGL Paper Leak CID Raid: JSSC-CGL परीक्षा धांधली मामले में JSSC दफ्तर पर CID टीम ने छापेमारी की है। जांच टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है।

अमन मौर्या

JSSC Office CID Inquiry Jharkhand: झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में छापेमारी की। टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी वर्ष 2024 में आयोजित सीजीएल परीक्षा के माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई थी या नहीं और यदि किसी अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से लाभ मिला है तो उसकी पहचान की जा सके।

परीक्षा रद्द करने को लेकर छात्र कर रहे आंदोलन

दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इसी परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र रांची में आंदोलन कर रहे हैं।

परीक्षा से पहले मिला प्रश्न पत्र

छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है। इस बीच, मामले की जांच में परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तिवारी ने सीआईडी को दिए बयान में स्वीकार किया है कि परीक्षा से पहले सीजीएल के प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। इस परीक्षा में खुद अभय तिवारी भी सफल हुआ था।

आरोपी ने एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप

अभय तिवारी के अनुसार, पहले टीडीपीएल को जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन का काम मिलता था। बाद में कंपनी ने कम दर पर परीक्षा संचालन करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे डी-इंपैनल कर दिया गया। इसके बाद परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबल नामक एजेंसी को दी गई। तिवारी ने वेबल नामक परीक्षा एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार, उसे वेबल से जुड़े लोगों के माध्यम से जेएसएससी सीजीएल के प्रश्न और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे।

परीक्षा से पहले रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर

उसने दावा किया कि बोकारो स्थित एक आवास में करीब 15 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे। जांच के दौरान तिवारी ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि उसका, उसके भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी का चयन इसी कथित व्यवस्था के जरिए हुआ। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सीआईडी सभी आरोपों और बयानों का दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है। छात्रों की ओर से जेएसएससी परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है। वहीं, राज्य सरकार ने पहले ही कहा है कि मामले की जांच सीआईडी कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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