झारखंड में कुड़मी समाज का 'रेल रोको' आंदोलन (फोटो- सोशल मीडिया) 
झारखंड

झारखंड में कुड़मी समाज का 'रेल रोको' आंदोलन, 40 स्टेशनों पर पहिए रोकने की चेतावनी, धारा 144 लागू

Jharkhand में आदिवासी कुड़मी मंच की ओर से रेल रोको आंदोलन का आव्ह्वान किया गया है। इसको लेकर राज्य के कुछ जिलों के रेलवे स्टेशनों पर धारा 144 लगा दी गई है। कुछ जगह इस आंदोलन का असर भी देखने को मिला।

सौरभ शर्मा

Jharkhand Rail Roko Kurmi Protest: झारखंड में कुड़मी समाज ने अपनी मांगों को लेकर आज, 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकालीन 'रेल टेका डहर छेका' आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन के तहत झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के करीब 100 रेलवे स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप करने की चेतावनी दी गई है। कुड़मी समाज की मुख्य मांग उन्हें अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करना और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह देना है। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के एसडीओ राजेश कुमार ने धनबाद, गोमो, कतरास और प्रधानखंता समेत आठ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने, किसी भी तरह के प्रदर्शन, रैली या सभा करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। स्टेशनों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आजसू जिलाध्यक्ष मंटू महतो को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

कई ट्रेनें रुकीं, यात्री परेशान

आंदोलन का असर सुबह से ही रेल यातायात पर दिखने लगा है। प्रदर्शनकारियों ने पारसनाथ और चंद्रपुरा जैसे स्टेशनों पर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है, जिससे कई ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गई हैं। गोमो स्टेशन पर धनबाद-सासाराम इंटरसिटी और गोमो-आसनसोल ईएमयू सुबह से ही खड़ी हैं, वहीं भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस को चौधरीबांध में रोकना पड़ा है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रेनों की स्थिति के बारे में जानकारी जरूर ले लें, क्योंकि स्थिति को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है।

सरकार से बातचीत की मांग, प्रशासन सख्त

कुड़मी समाज के प्रवक्ता हरमोहन महतो का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार टालमटोल कर रही है, जिस कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की मांग की है। वहीं, प्रशासन ने भी कमर कस ली है। सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव ने कहा है कि किसी भी हाल में रेल परिचालन बाधित नहीं होने दिया जाएगा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने चेतावनी दी है कि रेल परिचालन में बाधा डालने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा।

BRICS Summit 2026 LIVE: पीएम मोदी-पेजेश्कियान के बीच बैठक खत्म, ईरान के विदेश मंत्री अराघची भी रहे मौजूद

Elephant Madhuri Return: वनतारा से कोल्हापुर लौटेगी माधुरी, वापसी से पहले किए गए खास इंतजाम

DUSU Election 2026: चुनावी रण में 6 महिलाएं, 4 पदों के लिए चुनाव; यूनिवर्सिटी प्रशासन की तैयारी पूरी

मोदी ने बताया BRICS की ताकत, पुतिन ने G7 पर साधा निशाना...बिजनेस फोरम में संबोधन की 10 बड़ी बातें

BRICS Business Forum की फैमिली फोटो में शामिल हुए PM मोदी, वैश्विक मंच पर दिखी एकजुटता