Jharkhand Recruitment Reform March: झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीषाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का असंतोष अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं की वर्तमान व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार लाने और युवाओं को एक पारदर्शी व सुरक्षित परीक्षा का माहौल देने के लिए आज यानी सोमवार, 24 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे से 'भर्ती सुधार यात्रा' शुरू होने जा रही है। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने इस बड़ी मुहिम का ऐलान करते हुए पूरे राज्य के युवाओं को एकजुट होने का आह्वान किया है।
छात्र नेता देवेंद्र महतो का कहना है कि राज्य के युवा पिछले 26 वर्षों से भर्ती सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार, पेपर लीक, लगातार हो रही धांधली और राजनीतिक संरक्षण से त्रस्त हैं। सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। इसी आक्रोश को देखते हुए छात्र पिछले एक महीने से लगातार 'भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान' चला रहे हैं। अब इस अभियान को एक निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए ही इस राज्यव्यापी यात्रा को शुरू किया जा रहा है।
आज सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली यह यात्रा राज्य के सभी जिलों तक अपनी पहुंच बनाएगी। इस दौरान अलग-अलग जिलों के छात्रों को एकजुट कर परीक्षा व्यवस्था को पुख्ता और पारदर्शी बनाने की मांग उठाई जाएगी। देवेंद्र महतो का दावा है कि इस यात्रा को लेकर राज्य के युवाओं में काफी उम्मीदें और उत्साह है। उन्हें पूरा भरोसा है कि यह मुहिम भर्ती व्यवस्था में बदलाव की मांग को और भी मजबूती देगी।
सड़कों पर इस आंदोलन के आगाज के साथ ही आज सबकी नजरें देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट पर भी टिकी हैं। दरअसल, JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज पीटी परीक्षा-2025 में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच CBI से कराने की मांग को लेकर एक जनहित PIL दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट आज इस याचिका पर अहम सुनवाई करने जा रहा है। ऐसे में एक तरफ जहां युवा सड़क पर उतरकर अपना हक मांगेंगे, वहीं दूसरी तरफ अदालत में भी परीक्षा विवाद का भविष्य तय होगा।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के विवादों का सिलसिला काफी समय से चल रहा है और इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इससे पहले भी परीक्षा घोटाले में CID ने बड़ा एक्शन लेते हुए अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया था। हालांकि छात्रों का अनशन खत्म हो चुका है, लेकिन सोरेन सरकार की मुश्किलें लगातार जारी हैं। इस नई यात्रा को अब 'रांची आंदोलन के चैप्टर-2' के रूप में देखा जा रहा है। वहीं हाईकोर्ट के फैसले के बाद देवेंद्र महतो ने साफ कहा था कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन अपनी मूल मांगों से कोई समझौता नहीं करेंगे। देवेंद्र महतो ने यह भी बताया कि उन्होंने सोनम सर से प्रेरणा लेकर यह लड़ाई लड़ी है।