नेशनल कॉन्फ्रेंस के करीब 25 विधायकों के नाराज होने और नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम देने की खबरें हैं।
विधायकों की नाराजगी की वजह 27 अक्टूबर को हुए मंत्रिमंडल विस्तार को बताया जा रहा है।
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने भी पार्टी और लोकसभा सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया है।
Omar Abdullah Government Crisis: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने अपनी ही पार्टी के भीतर राजनीतिक चुनौती खड़ी होती नजर आ रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के करीब 25 विधायकों के नाराज होने और पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम देने की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि नाराज विधायकों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर राजभवन जाकर सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नाराज विधायकों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने पांच मांगें रखी हैं। विधायकों की नाराजगी की एक बड़ी वजह हाल ही में हुआ मंत्रिमंडल विस्तार बताया जा रहा है। 27 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला ने चार विधायकों को मंत्री बनाया था। इसके बाद कुछ वरिष्ठ विधायकों के नाराज होने की खबरें सामने आईं।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नाराज विधायकों ने उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने ये पांच मांगें रखी हैं-
सरकार के सभी मौजूदा मंत्रियों को उनके पदों से हटाया जाए।
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार को बदला जाए।
नए मंत्रिपरिषद का गठन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
नए मंत्रियों की नियुक्ति से पहले विधायक दल की बैठक बुलाई जाए और सभी विधायकों से सलाह ली जाए।
अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A की बहाली के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
खबरों के मुताबिक, विधायकों ने मांगों पर फैसला लेने के लिए पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर वे राजभवन जाकर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का कदम उठा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में 27 अक्टूबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी को मंत्रिपरिषद में शामिल किया था।
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से कई वरिष्ठ विधायक नाराज हैं। इनमें छह बार के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मुबारक गुल तथा अब्दुल मजीद लारमी के नाम भी सामने आए हैं। नाराज विधायकों की एक बैठक विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर होने की खबर है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 41 विधायक हैं और कांग्रेस समेत कुछ अन्य दलों तथा निर्दलीय विधायकों का समर्थन सरकार को प्राप्त है। ऐसे में यदि 25 विधायक वास्तव में समर्थन वापस लेने का फैसला करते हैं, तो सरकार के सामने बहुमत का संकट खड़ा हो सकता है।
हालांकि, पार्टी के विधायक हिलाल अकबर लोन ने बगावत की खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विधायकों की बैठक को गलत रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बैठक में शामिल होने का मकसद पार्टी या नेता का साथ छोड़ना नहीं था।