नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका
लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी हुए पार्टी से अलग
रुहुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच राजनीतिक मतभेद बना अहम मुद्दा
MP Syed Ruhullah Mehdi Severs Ties With Party: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग होने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से प्रदेश की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बाद रुहुल्ला ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनने के संकेत दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार रुहुल्ला मेहदी ने बडगाम में अपने पिता की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने पार्टी की नीतियों और चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को लेकर अपनी असहमति जाहिर की।
रुहुल्ला मेहदी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के बीच मतभेदों की एक प्रमुख वजह अनुच्छेद 370 का मुद्दा रहा है। रुहुल्ला का मानना है कि चुनाव के दौरान पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और अधिकारों को लेकर जो वादे किए थे, सत्ता में आने के बाद उन पर अपेक्षित काम नहीं हुआ।
इसके अलावा आरक्षण नीति और जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी उनकी पार्टी नेतृत्व से असहमति सामने आती रही है।
रुहुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच राजनीतिक मतभेद पिछले कुछ समय से चर्चा में थे। रुहुल्ला ने पार्टी के मौजूदा राजनीतिक रुख पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि राजनीति का आधार जनता से किए गए वादे और सिद्धांत होने चाहिए।
रुहुल्ला मेहदी के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा? क्या वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या जम्मू-कश्मीर में नया राजनीतिक विकल्प तैयार करेंगे?
उनके बयानों से संकेत मिलता है कि वह समान विचारधारा वाले युवाओं और लोगों को साथ लेकर एक अलग राजनीतिक मंच तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, उनके अगले कदम को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।
रुहुल्ला मेहदी का पार्टी से अलग होना नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे पार्टी के भीतर मतभेद और नेतृत्व की नीतियों पर सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।