Highlights:
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में LoC के पास घुसपैठ की कोशिश के दौरान गोलीबारी हुई।
कुपवाड़ा में स्थित केरन सेक्टर के जुमगुंड में दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
Jammu Kashmir LoC Infiltration: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। कुपवाड़ा में दो आतंकवादियों को ढेर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास केरन सेक्टर में घुसपैठ की एक कथित कोशिश को नाकाम कर दिया। सुबह-सुबह जुमगुंड इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। सूत्रों का दावा है कि दो आतंकवादी मारे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, "केरन सेक्टर के जुमगुंड इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद, सतर्क सैनिकों ने घुसपैठियों को चुनौती दी, जिसके बाद दोनों तरफ से कुछ देर तक गोलीबारी हुई।" सूत्रों ने आगे बताया, "इस इलाके में अभी एक ऑपरेशन चल रहा है। आगे की जानकारी का इंतजार है।"
इससे पहले 19 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के जंगलों मे 6 आतंकियों के छूपे होने की खबर थी। सुरक्षा बलों ने आतंकी मुठभेड़ में जिले के मजालता के ब्रतल क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के 2 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था।
यह 8 आतंकियों का समूह था, जिसमें से 2 आतंकी को सुरक्षा बलों ने ढेर किया था। रात का अंधेरे में तीन आतंकियों ने गोलीबारी की और सुरक्षा बलों को उलझाए रखा था। इसी आड़ में बाकी आतंकी भाग गए।
सर्च ऑपरेशन के दौरान 3 आतंकियों में से सद्दाम और मुस्तफा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। सुरक्षा बलों को जांच में जंगल में आतंकी के खून से सने पैर के निशान मिले थे। इससे सुरक्षा बलों को शक हुआ और तलाश शुरू की।
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) लगभग 740 किलोमीटर लंबी है। यह कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामूला जिलों से होकर गुजरती है, और साथ ही जम्मू डिवीजन के राजौरी, पुंछ और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों से भी होकर जाती है।
भारतीय सेना LoC की सुरक्षा करती है। घुसपैठ को रोकने के लिए यहाँ कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें लगभग 550 किलोमीटर लंबी बाड़ (fence) भी शामिल है। सीमा पार की गतिविधियों, तस्करी और आतंकवादियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए इस बाड़ की कड़ी निगरानी की जाती है।
सेना राजौरी, पुंछ, बारामूला और कुपवाड़ा जैसे LoC सेक्टरों में हमेशा हाई अलर्ट पर रहती है। स्थानीय निवासियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, पुंछ जैसे इलाकों में चेकपॉइंट्स पर आधारित 'डिजिटल बॉर्डर क्रॉसिंग सिस्टम' लागू किए गए हैं।
LoC के अलावा, जम्मू-कश्मीर की लगभग 200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है, जो जम्मू डिवीजन के जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों से होकर गुजरती है। इस हिस्से की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा की जाती है।
सीमा पार से होने वाली आतंकवादियों की घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए सेना और BSF को तैनात किया गया है। इन ड्रोनों का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है।
- एजेंसी इनपुट के साथ