सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
जम्मू कश्मीर

किश्तवाड़ के जंगलों में आतंकियों की घेराबंदी! ड्रोन और स्निफर डॉग्स से सर्च ऑपरेशन, चप्पे-चप्पे पर सेना

Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन जारी है। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से 12,000 फीट की ऊंचाई पर आतंकी ठिकानों का भंडाफोड़ हुआ।

अमन उपाध्याय

Jammu Kashmir Terrorist Operation: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का निर्णायक अभियान मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जिले के छात्रू इलाके में मंडल-सिंहपोरा के सोनार गांव में जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकवादियों के फंसे होने की खबर मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और आतंकियों के खात्मे के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

ड्रोन और खोजी कुत्तों से तलाश

अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादी घने जंगलों के काफी अंदर छिपे हुए हैं, लेकिन उनके संभावित ठिकानों का पता लगा लिया गया है। चूंकि यह इलाका 12,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है और यहां खड़ी ढलानें व घना जंगल है, इसलिए सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीमें 'ड्रोन' और 'खोजी कुत्तों' की मदद ले रही हैं। कम दृश्यता के बावजूद सुरक्षा बल आतंकियों की लोकेशन को पिनपॉइंट करने में जुटे हैं।

एक जवान हुआ शहीद

इस ऑपरेशन की शुरुआत रविवार को हुई थी जब आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम पर अचानक गोलीबारी कर दी थी। इस मुठभेड़ में सेना के एक जांबाज पैराट्रूपर, हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए और सात अन्य सैनिक घायल हो गए। मंगलवार सुबह शहीद गजेंद्र सिंह को जम्मू के सतवारी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य उत्तराखंड भेज दिया गया है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मददगारों पर भी शिकंजा

सेना ने केवल आतंकियों को ही नहीं घेरा है, बल्कि उनके स्थानीय नेटवर्क को भी ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। सोमवार को 12,000 फीट की ऊंचाई पर एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया जहां से भारी मात्रा में राशन, दालें और बर्तन बरामद हुए हैं। यह सामान इतना था कि सर्दियों में चार लोग आसानी से गुजारा कर सकें। इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है ताकि उन 'ओवरग्राउंड वर्कर्स'की पहचान की जा सके जिन्होंने आतंकियों को रसद पहुंचाई थी।

गणतंत्र दिवस को लेकर अलर्ट

आगामी गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा बलों ने पूरे जम्मू क्षेत्र में ऑपरेशंस को तेज कर दिया है। खुफिया इनपुट्स मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर इस क्षेत्र में और अधिक आतंकियों को भेजने की फिराक में हैं। इसी महीने कठुआ और उधमपुर में भी मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशानुसार एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए पहरा और कड़ा कर दिया गया है।

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