फारूक अब्दुल्ला (सोर्स- सोशल मीडिया) 
जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग, जंतर-मंतर पर होगा NC का बड़ा प्रदर्शन

NC Protest In Delhi: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर फारूक अब्दुल्ला ने देश के 52 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं को न्योता भेजा है।

NC Jantar Mantar Protest: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने इस आंदोलन के समर्थन में देश के 52 प्रमुख राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय नेताओं को पत्र लिखकर शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

नेताओं से एकजुटता की अपील

फारूक अब्दुल्ला ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार ने कई बार संसद में जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और संघीय व्यवस्था की रक्षा के लिए इस अभियान में जम्मू-कश्मीर के लोगों का साथ दें।

पत्र में फारूक अब्दुल्ला ने 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय संसद में राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विरोध के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए 2024 के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

राज्य का दर्जा मिलने में देरी पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास जताते हुए जनादेश दिया। वर्तमान में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में निर्वाचित सरकार काम कर रही है, लेकिन इसके बावजूद राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस देरी पर न तो कोई स्पष्ट कारण बताया जा रहा है और न ही कोई समय-सीमा तय की गई है।

फारूक अब्दुल्ला के अनुसार, यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता की लोकतांत्रिक इच्छा की अनदेखी है।

संघीय ढांचे और संविधान का बताया मुद्दा

अपने पत्र में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा केवल क्षेत्रीय भावना का विषय नहीं, बल्कि भारत के संघीय ढांचे और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि राज्यों का अस्तित्व केवल प्रशासनिक सुविधा नहीं बल्कि जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है। इसलिए राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार हो रही देरी संविधान की मूल भावना को कमजोर करती है।

शांतिपूर्ण और संवैधानिक रहेगा प्रदर्शन

एनसी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल उसी वादे को पूरा करने की मांग कर रही है, जो केंद्र सरकार ने संसद में पहले ही किया था। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है और अब उन्हें सम्मानपूर्वक उनका अधिकार मिलना चाहिए।

किन नेताओं को भेजा गया निमंत्रण?

फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, बीजद प्रमुख नवीन पटनायक, महबूबा मुफ्ती, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सहित कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है।

7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग! सितंबर में दिल्ली पहुंचने की तैयारी, 400 अधिकारियों का डेलिगेशन भी आएगा

NEET PG 2026: आज नहीं...इस तारीख को जारी होगा एडमिट कार्ड, 30 अगस्त को परीक्षा; जानें पूरी डिटेल

हाथी चले बाजार... बयान पर बड़ा एक्शन, BPSC अधिकारी पर गिरी गाज! CM ने दिए निलंबन के आदेश

Weather Update Live: देश भर में बारिश से हाहाकार! गुरुग्राम में हालात बेकाबू, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट

BBMB Recruitment 2026: हिंदी ट्रांसलेटर के 9 पदों पर निकली भर्ती, 31 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन