जम्मू-कश्मीर चुनाव की तैयारी में कांग्रेस  
जम्मू कश्मीर

तालमेल का शुरू हुआ खेल, NC और PDP के बाद आजाद को साथ लाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस

जम्मू-कश्मीर में चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी एक्टिव मोड में आ गई है। राज्य की सभी पार्टि के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश की जा रही है। मिल रही जानकारी के मुताबिक गुलाम नबी आजाद से बात करने की बात कही गई है। वहीं NC और PDP को भी साथ लाने की उम्मीद की जा रही है। कुल मिलाकर कांग्रेस किसी भी हाल में BJP को सत्ता से दूर करना चाहती है।

शानू शर्मा

श्रीनगर: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जम्मू-कश्मीर में चुनाव के तारीख का ऐलान कर दिया गया है। इसी के साथ एक बार फिर सारी पार्टियां एक्टिव हो गई है। इन सब में कांग्रेस पार्टी ने मेल जोल का खेल शुरू कर दिया है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए स्थानिय पार्टियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों की मानें तो एक बार फिर पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के साथ तेलमेल बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उनसे बात करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर केंद्र की तरह राज्य में कांग्रेस पार्टी BJP को चुनौती देने के मूड में है।

गुलाम नबी आजाद क्यों छोड़ा कांग्रेस

बता दें कि गुलाम नबी आजाद ने 2022 में कांग्रेस पार्टी इसलिए छोड़ा था क्योंकि उन्हें राहुल गांधी उपाध्यक्ष के रुप में मंजुर नहीं थे। जिसके बाद उन्होंने खुद अपनी एक नई पार्टी बनाई जिसका नाम डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) रखा गया। जम्मू-कश्मी के विधानसभा चुनाव में इन तीन पार्टियों के अलावा अन्य और भी पार्टी काफी एक्टिव नजर आ रही है। वो पार्टी कोई और नहीं बल्कि  फारूक अब्दुल्ला की पार्टी  नेशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी  है।

सत्ता की रेस में दौड़ी पार्टियां

कांग्रेस पार्टी इस कोशिश में जुटी है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के साथ राज्य में चुनाव लड़ा जाए। जिसका नुकसान भारतीय जनता पार्टी पर हो। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान कर दिया है। पार्टी ने यह जिम्मेदारी तारिक हमीद कर्रा के हाथों में सौंपी है। कांग्रेस महासचि की ओर से यह भी कहा गया है कि इस चुनाव में एनसी और पीडीपी के लिए भी राज्य का मुद्दा सबसे उपर होना चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही इंडिया गठबंधन की तरह जम्मू-कश्मीर में भी तीनों पार्टियों को एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।

त्रिकोण बनाने की कोशिश में कांग्रेस

बता दें कि इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में गुपकार गठबंधन के दौरान एनसी और पीडीपी एक साथ आ चुकी है। लेकिन बाद में दोनों पार्टियों के डिफ्रेंस के कारण गठबंधन चल नहीं पाया। बाद में में पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन में आकर जम्मू-कश्मीर की सत्ता संभाली थी। अब धीरे-धीरे राज्य में पार्टियों के मेल जोल का खेल शुरू हो गया है। ऐसे में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी स्थानिय पार्टियों के साथ तालमेल बैठाने की पूरी कोशिश करेगी। जिसका नतीजा आने वाले कुछ दिनों में दिखना शुरू हो जाएगा।

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