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टेरर फंडिंग मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई
केंद्रीय फोर्स के साथ श्रीनगर में उमर आदिल डार के घर की तलाशी ली
ED ने चार जगहों पर तलाशी अभियान चलाई है
ED Search Operation: प्रवर्तन निदेशालय के श्रीनगर जोनल कार्यालय ने टेरर फंडिंग यानी आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने से जुड़े एक मामले में बड़ा एक्शन लिया है। ईडी की टीम उमर आदिल डार और उसके साथियों से जुड़ी जांच के सिलसिले में चार जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है। यह जांच उन आरोपों पर आधारित है जिसमें कहा गया है कि उमर आदिल डार प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ओवरग्राउंड वर्कर था। यानी वह इस संगठन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा। इससे पहले डार और उसके साथियों को भारी मात्रा में नकदी और आपत्तिजनक साहित्य के साथ पकड़ा गया था।
उमर आदिल डार जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और भारत-विरोधी गतिविधियों के आरोपों में करीब चार साल जेल भी रह चुका है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि इन तलाशियों का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध कमाई का पता लगाना है। साथ ही वित्तीय नेटवर्क और फंडिंग के रास्तों की पहचान करना, सीमा पार बैठे हैंडलरों से संभावित संबंधों की जांच करना और टेरर फंडिंग के आरोपों से जुड़े और सबूत जुटाना है। यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह सीधे आतंकवाद को आर्थिक सहायता पहुंचाने से जुड़ा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
उमर आदिल डार के खिलाफ चल रही इस जांच में आगे और क्या खुलासे होते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के खिलाफ हो रहे प्रयासों का हिस्सा है। अभी तक तलाशी अभियान जारी है। एजेंसी आगे की कार्रवाई के बारे में अधिक जानकारी बाद में जारी कर सकती है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों में सबूतों के आधार पर आगे बढ़ती हैं। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
इसी साल जुलाई महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने कथित टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में 16 स्थानों पर एक साथ रेड मारा था। ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई।