Over 28,818 Devotees Visited Amarnath Temple: 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। सोमवार को कई इलाकों में तेज बारिश हुई, लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर नहीं पड़ा। श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गो से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन किए। सोमवार को करीब 28,818 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रशासन के अनुसार, हर दिन यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बेस कैंपों और विभिन्न जगहों पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दर्शन के बाद सोमवार शाम श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम के नुनवान बेस कैंप तक लौटने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर श्रद्धालु वापसी के लिए बालटाल मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इस रास्ते से उसी दिन बेस कैंप पहुंचा जा सकता है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर भरपूर व्यवस्थाएं की हैं। ठहरने के लिए हजारों टेंट लगाए गए हैं। वहीं, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक चारों-तरफ सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। ऊंचाई वाले जगहों और यात्रा मार्गो पर सेना के जवान तैनात हैं। वहीं, बेस कैंपों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ(CRPF) संभाल रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही है।
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प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल उनकी दर्शन की दर्ज की गई तारीख के अनुसार यात्रा करने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिना पंजीकरण या तय तारीख से पहले पहुंचने वाले किसी भी श्रद्धालु को दोनों बेस कैंपों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।