TMC MP Mahua Moitra: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे सियासी घमासान और विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट की खबरों के बीच सांसद महुआ मोइत्रा को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। कई सांसदों और विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि क्या महुआ मोइत्रा भी भाजपा का दामन थाम सकती हैं। इन अटकलों को तब और बल मिला जब महुआ ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की।
हालांकि, अब महुआ मोइत्रा ने खुद इन चर्चाओं पर खुलकर जवाब देते हुए साफ कर दिया है कि वह कभी भी भाजपा में शामिल नहीं होंगी। बीबीसी हिंदी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने भाजपा में जाने की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपनी युवावस्था और जिंदगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा समर्पित किया है। उनका एकमात्र मकसद एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष और समावेशी भारत के लिए काम करना है जहां सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द के साथ रह सकें। भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने देश में सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। महुआ ने संकल्प लेते हुए कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक इस विचारधारा का विरोध करेंगी और जब तक जीवित हैं, भाजपा के खिलाफ उनकी यह राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी।
इसी इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ अपने पुराने दिनों के रिश्तों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब दोनों नेता एक ही पार्टी तृणमूल कांग्रेस में थे, तब शुभेंदु ने उनका काफी साथ दिया था। महुआ के मुताबिक, जब वह करीमपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही थीं, तब पूरी पार्टी में से सिर्फ शुभेंदु अधिकारी ही उनके लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे और संकट के समय हमेशा उनकी मदद के लिए खड़े रहते थे। महुआ मोइत्रा ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव का एक भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उस समय उन्हें पूरी उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें टिकट देगी, लेकिन आखिरी वक्त पर टिकट कट जाने के कारण वह पूरी रात रोती रही थीं।
यह भी पढ़ें: नो एंट्री का बोर्ड हटा! नीतीश कुमार के घर पहुंचे आरसीपी सिंह; जदयू में वापसी की अटकलें तेज
उस बेहद मुश्किल और निराशाजनक समय में सिर्फ शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें ढांढस बंधाया था और कहा था कि 'चिंता मत करो, मैं हूं।' हालांकि, महुआ मोइत्रा ने यह भी पूरी तरह स्पष्ट किया कि आज दोनों नेता पूरी तरह अलग-अलग पार्टियों और विपरीत विचारधाराओं में हैं, और अब उनके बीच किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं होती है। इस बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद महुआ ने सफाई दी कि उनके इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को संदर्भ से बाहर और गलत तरीके से पेश किया गया है।