Four Stars of Destiny: संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेने के लिए खड़े हुए थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की एक किताब के संस्करण का जिक्र किया।
राहुल गांधी ने जैसे ही किताब में किए गए दावे का जिक्र किया, सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और नियमों का हवाला दिया कि सदन में किसी अप्रकाशित किताब का जिक्र करने से रोकते हैं। इस हंगामे के बीच पूर्व सेना प्रमुख नरवणे और उनकी किताब चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
एमएम नरवणे की किताब, 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' एक साल से ज्यादा समय से केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार कर रही है। रक्षा मंत्रालय ने किताब की कुछ सामग्री पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसकी समीक्षा प्रक्रिया लंबित है। हाल ही में उनसे पूछा गया था कि उनकी किताब अभी तक क्यों प्रकाशित नहीं हुई है। जवाब में पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि उनका काम सिर्फ किताब लिखना था। रक्षा मंत्रालय से प्रकाशन की इजाजत पब्लिशर को लेनी है।
जनरल नरवणे ने ये टिप्पणियां एक साहित्य उत्सव में कीं जहां वे एडमिरल निर्मला कन्नन (रिटायर्ड) के साथ अपनी नवीनतम काल्पनिक किताब, 'द कैंटोनमेंट कॉन्स्पिरेसी: ए मिलिट्री थ्रिलर' पर चर्चा कर रहे थे। जब उत्सव में एक मेहमान ने उनसे पूछा कि उनकी किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' अभी तक क्यों प्रकाशित नहीं हुई है, तो पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि मेरा काम किताब लिखना और उसे पब्लिशर्स को देना था। पब्लिशर्स को डिफेंस मिनिस्ट्री से अनुमति लेनी थी। उन्होंने किताब उन्हें दे दी है। यह समीक्षा के तहत है। यह अब एक साल से ज्यादा समय से समीक्षा के तहत है।
इससे पहले लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के बयान का कड़ा विरोध किया। सदन में सत्ताधारी पार्टी और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह कहते हुए राहुल गांधी से बार-बार अपील की कि वह सदन में किसी किताब या पत्रिका से उद्धरण नहीं दे सकते।
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हालांकि, राहुल गांधी ने एक पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का मुद्दा उठाने की कोशिश की और दावा किया कि पूर्व प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र पर भी टिप्पणी की थी। राजनाथ सिंह ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस गतिरोध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी लोकसभा में मौजूद थे।