Why Nitish Kumar leave INDIA Alliance: 2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया एलायंस को लेकर जदयू ने अब बड़ा दावा किया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने विपक्षी पार्टियों को घेरते हुए इंडिया अलायंस में टूट के लिए अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए थे, लेकिन इलेक्शन में जाने को लेकर जब इसके सहयोगी दलों के बीच एकजुटता नहीं दिखी और ना ही कोई विजन दिखा तब नीतीश कुमार ने अलग होने का फैसला किया।
जब उनसे पूछा गया कि इंडिया ब्लॉक की पहली बैठक पटना में नीतीश कुमार जी के घर में 2023 में हुई थी। कुछ समय बाद वो बाहर क्यों हो गए? इस सवाल के जवाब में जदयू नेता संजय झा ने कहा कि दो आदमी ने इस इंडिया अलायंस को खत्म कर दिया। उनका नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल है।
संजय झा ने आगे कहा कि 'इंडिया ब्लॉक में एक सहमति बन गई थी। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि नीतीश कुमार कोई प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार प्रोजेक्ट हो गए थे। एक सहमति बन गई थी लेकिन मीटिंग में इन दोनों ने कहा था कि एक दलित संयोजक होना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे साहब को होना चाहिए। ये बोलकर उन्होंने कांग्रेस को भी बैकफुट पर डाल दिया। राजनीति में वो लोग आज कहां पर हैं, ये सभी के सामने है।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जदयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार जी को गठबंधन का संयोजक बनना था, ऐसी बात बिल्कुल नहीं थी। इस गठबंधन को लेकर उनकी अपनी एक क्रेडविलिटी थी। वो हर जगह घूम रहे थे, दूसरे नेताओं से बात कर रहे थे। सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए। लेकिन बैठक में उस तरह की बात बोलने से कांग्रेस बैकफुट पर चली गई।
संजय झा ने आगे बताया कि हमलोगों ने फिर देखा कि इस गठबंधन में कहीं कोई प्लान नहीं है कि हम कैसे चुनाव लड़ेगें? इसके अलावा गठबंधन में कोई एकजुटता नहीं थी। हम सभी क्षेत्रीय दलों को लगा कि कांग्रेस तो कहीं दो-चार राज्य में अपनी राजनीति करती रहती है, उसे तो बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। मुझे व्यक्तिगत तौर से लगता है कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने इंडिया अलायंस को खत्म कर दिया।
जब उनसे पूछा गया कि इंडिया अलायंस बीजेपी के खिलाफ बना था लेकिन बाद में जेडीयू ने एनडीए के साथ क्यों गठबंधन किया। इस सवाल पर संजय झा ने कहा कि बिहार में आपको किसी न किसी अलायंस में काम करना ही पड़ेगा। यह सच है कि इंडिया अलायंस बनाने में नीतीश कुमार जी की अहम भूमिका थी। लेकिन जब उन्हें लगा कि इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है और ना ही इसका कोई विजन है तो उन्होंने अलग होने का फैसला लिया।
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संजय झा ने आगे कहा कि सिर्फ मोदी जी और बीजेपी का विरोध करने से ये नहीं चलता। आप भी तो लोगों के बीच अपना कुछ दृष्टकोण लेकर जाएंगे। नीतीश कुमार ने बहुत कोशिश की। बिहार में क्षेत्रीय दल के रूप में काम करने के लिए बीजेपी के साथ गए क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, सच्चाई यही है और हमलोग बिहार में साथ में काम कर रहे हैं।