क्या है CAPF एक्ट, 2026? (AI जेनरेटेड इमेज)
देश

Explainer: क्या है CAPF एक्ट 2026, सरकार के खिलाफ क्यों मोर्चा खोल रहे अर्धसैनिक बल? जानें सभी सवालों का जवाब

CAPF Act, 2026: इस नए कानून के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सहित सेंट्रल फोर्सेस में उच्च पदों पर आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति को कानूनी रूप से मान्यता दे दी गई है।

मनोज आर्या

What is CAPF Act, 2026 Explained: सेंट्रल ऑर्म्ड पुलिस फोर्सेस (CAPF) के सेवानिवृत जवान 7 नवंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर जा रहे हैं। देश की सुरक्षा के लिए तमाम चुनौतियों से सामना करने वाले जवानों का यह हड़ताल केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) समेत तमात सेंट्रल फोर्सेस को लेकर हाल में लागू हुए CAPF (General Administration) Act, 2026 के खिलाफ है। यह नया कानून 9 अप्रैल, 2026 को लागू हुआ था।

वहीं, केंद्रीय बल के जवानों की मांग है कि पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से लागू किया जाए। इसके साथ ही डेपुटेशन पर आने वाले आईपीएस अधिकारियों के फोर्स में बढ़ते वचर्स्व के खिलाफ हैं। ऑल एक्स-पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।

CAPF (General Administration) एक्ट, 2026 क्या है?

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 सबसे पहले 1 अप्रैल 2026 को लोकसभा और 2 अप्रैल 2026 को राज्यसभा से पास हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 9 अप्रैल, 2026 को यह कानून का रूप ले लिया। इस नए कानून के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सहित सेंट्रल फोर्सेस में उच्च पदों पर आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति को कानूनी रूप से मान्यता दे दी गई है।

सीएपीएफ एक्ट लागू होने से क्या बदलेगा?

बदले हुए कानून के अनुसार, सीएपीएफ के कुल आईजी पदों में से 50 फीसद पद आईपीएस अधिकारियों के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं। वहीं, कम से कम 67 प्रतिशत एडीजी पद डेपुटेशन पर आने वाले आईपीएस अधिकारियों द्वारा भरे जाएंगे। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के सभी स्पेशल डीजी और डीजी पद पूर तरह आईपीएस कैडर के लिए आरक्षित होंगे।

सीएपीएफ एक्ट, 2026 में नया क्या?

पहले के मुकाबले संशोधित कानून में नया क्या?

ग्रुप-ए सीएपीएफ अधिकारियों के लिए डीआईजी पदों पर जो 50 प्रतिशत की सीमा थी उसे हटा दिया गया है। इससे आईपीएस अधिकारियों की संख्या और बढ़ सकेगी। इससे पहले तक इस तरह की नियुक्तियां कार्यकारी आदेशों के जरिए की जाती थीं, लेकिन अब इसे एक वैधानिक दर्जा दे दिया गया है।

कानून में बदलाव के पीछे सरकार का मकसद

केंद्र सरकार का तर्क है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को अक्सर राज्य पुलिस और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन (जिन्हें IPS और IAS अधिकारी लीड करते हैं) के साथ मिलकर काम करना पड़ता है, इसलिए IPS अधिकारियों के सीएपीएफ को नेतृत्व करने से ऑपरेशनल तालमेल आसान होता है। सरकार का दावा है कि यह अम्ब्रेला लॉ कानूनी तौर पर साफ रहने और फोर्स की ऑपरेशनल खासियत को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

CAPF एक्ट का विरोध क्यों कर रहे अर्धसैनिक?

वहीं, सीएपीएफ जवानों का कहना है कि यह एक्ट 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश को कमजोर करता है, जिसमें केंद्र सरकार से कहा गया था कि वह दो साल के अंदर IPS डेपुटेशन को IG रैंक तक 'धीरे-धीरे कम' करे, जिससे फोर्स का हौसला प्रभावित होता है।

कानून का विरोध क्यों?
सीएपीएफ जवानों का कहना है कि यह एक्ट 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश को कमजोर करता है, जिसमें केंद्र सरकार से कहा गया था कि वह दो साल के अंदर IPS डेपुटेशन को IG रैंक तक 'धीरे-धीरे कम' करे, जिससे फोर्स का हौसला प्रभावित होता है।

प्रमोशन के लिए 15-18 साल तक का इंतजार

लगभग 13,000 ग्रुप- ए अधिकारियों के प्रमोशन में बहुत देरी का सामना करना पड़ता है, अक्सर कम सीनियर पोस्ट की वजह से उन्हें 15-18 साल तक इंतजार करना पड़ता है। वे यह भी बताते हैं कि सीएपीएफ ऑफिसर फ्रंटलाइन लड़ाई संभालते हैं जबकि आईपीएस अधिकारी सीनियर की भूमिका में होते हैं।

सरकार के खिलाफ मोर्चेबंदी की तैयारी

ऑल एक्स-पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन सचिव रणबीर सिंह का आरोप है कि सरकार लंबे समय से अर्धसैनिकों के मांगों को अंदेखा कर रही है। अब हमें मजबूरन विरोध का रास्ता चुनना पड़ा है। सीएपीएफ एक्ट को काला कानून बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि हम इसे वापस लेने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर 7 नवंबर से भूख हड़ताल करेंगे।

'सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं'

रणबीर सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर नए कानून को वापस लेने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। जब हमारे अनुभव और विशेषज्ञता के स्थान पर डेपुटेशन वाले नौकरशाहों को प्राथमिकता दी जाएगी तो जवानों और अधिकारियों के लिए स्वाभिमान के साथ सेवा करना असंभव हो जाएगा।

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अफसरों के तबादले; DDC-SDO समेत बदले कई पद, देखें पूरी लिस्ट

अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ बांग्लादेशी नागरिक, मिर्जापुर स्टेशन पर RPF और GRP ने दबोचा

छात्रों के बाद अब CRPF रिटायर के जवान करेंगे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सरकार को दिया अल्टीमेटम

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर चंद्रयान 3 की सफलता याद कर बोले इसरो चीफ, वैश्विक लीडर बनने की दिशा में भारत

अंतरिक्ष में बनेंगी दवाएं, PM मोदी से मिलकर स्पेस-फार्मा ने ठोकी ताल, किसने बुना हर दिन रॉकेट लॉन्च का सपना?