पश्चिम बंगाल में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को तैनाती का गृह मंत्रालय ने दिया आदेश (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

बंगाल में 20 जून तक रुकेंगी CAPF की 500 कंपनियां, CM सुवेंदु अधिकारी के आग्रह पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

MHA Bengal Security Order: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था के लिए CAPF की 500 कंपनियां 20 जून तक तैनात रहेंगी। सीएम सुवेंदु अधिकारी के आग्रह पर गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश।

अमन मौर्या

West Bengal CAPF Deployment:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गृह मंत्रालय द्वारा राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी सरकार ने राज्य में इनकी तैनाती बनाए रखी। बीते हफ्ते राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद राज्य से चरणबद्ध तरीके से सुरक्षा बलों को हटाने का निर्णय लिया गया था।

इसके तहत सौ कंपनियों को पहले चरण में राज्य से वापसी का आदेश जारी किया गया था। अब खबर आ रही है कि सीएम सुवेंदु अधिकारी के आग्रह पर 20 जून तक राज्य में CAPF की पांच सौ कंपनियों की तैनाती का आदेश जारी किया गया है।

15 मई से वापसी के दिया आदेश

बता दें, विधानसभा चुनाव के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय बलों की पांच सौ कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से राज्य से कम करने का निर्णय लिया था। इसके तहत पहले चरण में राज्य से सौ कंपनियों के वापसी की प्रक्रिया शुरू होनी थी। इनमें CISF की 10, ITBP की 10, CRPF की 40, BSF की 30, और SSB की 10 कंपनियां शामिल थीं। मंत्रालय द्वारा दिए इन आदेशों में कहा गया था कि 15 मई से ये कंपनियां राज्य में तैनात नहीं रहेंगी।

20 जून तक रहेगी तैनाती

बुधवार को जारी आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि CRPF की 200, BSF की 150, CISF की 50, ITBP की 50 और SSB की 50 कंपनियां राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जून तक तैनात रहेंगी। केंद्रीय बलों की तैनाती में उनके ठहलने, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का इंतजाम राज्य सरकार के जिम्मे होगा। राज्य सरकार द्वारा कानून व्यवस्था के मद्देनजर इसकी मांग की गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया।

पहली बार इतने जवानों की हुई तैनाती

बता दें कि पश्चिम बंगाल में हर साल चुनावी हिंसा सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। यहां चुनाव के दौरान, और चुनाव के बाद भारी हिंसा देखने को मिलती थी। इसके मद्देनजर इस बार के विधानसभा चुनावों में गृह मंत्रालय ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात करने का निर्णय लिया था। राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के करीब 2 लाख 40 हजार जवानों की तैनाती की गई थी।

यह पश्चिम बंगाल के इतिहास में किसी भी चुनाव में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती थी। इसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला। इस बार राज्य में चुनाव के दौरान पहले जैसे हिंसा देखने को नहीं मिली।

दिल्ली में धारा 163 लागू, जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज भी प्रदर्शन के आसार

Weather Today: जम्मू-मिजोरम से तमिलनाडु तक भारी बारिश, दिल्ली-UP में तेज हवाएं; इन राज्यों में रहेगा सूखा

पीएम मोदी के जनसेवा के 25 साल, देशभर में सेवा ज्योति के तहत कार्यक्रम; कार्यकर्ता को करेंगे संबोधित

Guru Gobind Singh Shaheedi Diwas: सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस आज, पढ़ें उनकी गौरवगाथा

नेपाल जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश... CJP प्रदर्शन पर बोलीं इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर