BLO Protest in Kolkata: एसआईआर प्रक्रिया में कार्य कर रहे बीएलओ ने सोमवार यानी 1 दिसंबर को कोलकाता में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बीएलओ ने कोलकाता में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि बीएलओ को रोकने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में लगे बीएलओ बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले हफ्ते हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भी बीएलओ ने जबरन निर्वाचन आयुक्त के दफ्तर में घुसने की कोशिश की थी।
चुनाव आयोग ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर निर्वाचन आयुक्त की सुरक्षा में चूक को गंभीर बताते हुए निर्वाचन अधिकारियों की सुरक्षा कड़ी करने का निर्देश दिया था। बता दें कि एसआईआर प्रक्रिया में लगे बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) काम का भारी दबाव होने का आरोप लगा रहे हैं। बीएलओ के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया के चलते उन्हें तनाव झेलना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "जो तृणमूल सरकार एसआईआर के खिलाफ बोलती है, वह बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मानदेय क्यों देगी? उन्हें भुगतान करना ही होगा... एसआईआर के खिलाफ बोलना सही नहीं है।"
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद राज्य के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "हमने 17,111 बूथों की सूची सौंपी है। उन्हें इसकी जांच करनी चाहिए और इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। सुनवाई के दौरान लाइव सीसीटीवी होना चाहिए। सीओ कार्यालय को इसे नियंत्रित करना चाहिए। सीओ के माध्यम से चुनाव आयोग से हमारा अनुरोध है कि, जैसा कि सुनवाई के दौरान राज्य और ज़ोन पर्यवेक्षकों को दिया गया था, सभी बीडीओ और एसडीओ कार्यालयों को एक माइक्रो पर्यवेक्षक द्वारा कवर किया जाना चाहिए। यह राज्य सरकार का कर्मचारी नहीं होना चाहिए। एक स्वतंत्र अधिकारी की नियुक्ति करें।"
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बीएलओ का विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल सहित देश के 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। काम के ज्यादा दबाव के चलते कई जगहों पर बीएलओ के आत्महत्या करने का भी दावा किया जा रहा है। परिवार वालों का आरोप है कि बीएलओ पर बहुत ज्यादा काम का प्रेशर बनाया जा रहा है।