IMD Monsoon Update: आज भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में जोरदार बारिश का अनुमान लगाया है। देश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए अच्छी-खासी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा (NMMT) क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। बात करें पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की तो झारखंड, ओडिशा और बिहार में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा, झोंके 50 किमी/घंटा तक) चलने की उम्मीद है। आंधी और बिजली गिरने का असर पूर्वोत्तर राज्यों पर भी पड़ेगा।
दक्षिण भारत का मौसम देखें तो केरल, माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, झोंके 60 किमी/घंटा तक) और बिजली गिरने की संभावना है। तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आसमान आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह और दोपहर में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की उम्मीद है, और शाम को फिर से हल्की बारिश हो सकती है।
दिल्ली का अधिकतम तापमान 33°C से 35°C (सामान्य के करीब) रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C (सामान्य से कम) के बीच रहेगा। सुबह के समय पूर्वी हवाएं 25 किमी/घंटा तक की गति से चलेंगी, जो दोपहर तक दक्षिण-पूर्वी (15 किमी/घंटा) हो जाएंगी।
बहुत भारी बारिश के कारण कुछ जगहों खासकर पहाड़ी इलाकों पर भूस्खलन, मडस्लाइड और निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे कमजोर ढांचों से दूर रहें और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए पेड़ों के नीचे शरण न लें।