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सरकार ने यूपीआई पेंमेट को लेकर बड़ी घोषणा की, MDR चार्ज लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया
2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR चार्ज का फैसला दिवाली के बाद लागू होगा!
NPCI ने बैठक के बाद फैसला लिया है, फैसले पर व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।
UPI भारत में डिजिटल लेन-देन का बड़ा माध्यम है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी बदलाव का असर कारोबार पर पड़ता है
Digital UPI Payment: त्योहार के बीच सरकार ने फैसला लेते हुए ऑनलाइन पेमेंट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने आज फैसला किया कि चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा, जिसकी तारीख की घोषणा बात में की जाएगी।
2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने का फैसला टाल दिया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि यह चार्ज दिवाली के बाद लागू होगा, हालांकि इसे लागू करने की नई तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है। MDR लागू करने की पिछली डेडलाइन 15 अक्टूबर थी।
NPCI ने एक बयान में कहा कि UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने आज फैसला किया कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट दिवाली के ठीक बाद लागू किया जाएगा, जिसकी तारीख अलग से बताई जाएगी।
8 नवंबर को दिवाली है
इस साल दिवाली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। पहले आई रिपोर्ट के अनुसार 2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट से MDR लिया जाना था, जबकि पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट मुफ्त रहने थे। इसकी घोषणा के बाद देश में जमकर राजनीति हुई थी।
वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी UPI से संबंधित गैजेट नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई थी। लेकिन कोर्ट ने इसपर रोक लगाने से मना कर दिया था। वकील अंजन दत्ता ने वित्त मंत्रालय के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी, जिसमें 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% का चार्ज लगाने की व्यवस्था है। याचिका में कहा गया था कि चार्ज का असर आखिरकार आम नागरिकों पर पड़ेगा। याचिका केंद्र सरकार, RBI, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI के खिलाफ दायर की गई है।
हाल के समय में भारत में डिजिटल पेमेंट में भारी इजाफा देखने को मिला है। पिछले दशक में UPI का सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम FY 2016-17 में सिर्फ 1.78 करोड़ ट्रांज़ैक्शन से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से ज्यादा ट्रांज़ैक्शन हो गया। ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में लगभग 13,000 गुना बढ़ोतरी हुई।
वहीं, ट्रांज़ैक्शन वैल्यू वित्त वर्ष 2016-17 में 0.07 लाख करोड़ रुपये से तेज़ी से बढ़कर FY 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो ट्रांजैक्शन वैल्यू में 4000 गुना बढ़ोतरी को दिखाता है।