UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 पर 25 नवंबर को सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। इससे पहले इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होने वाले हैं। इनमें समाजवादी पार्टी (SP) नेता राम गोपाल यादव और बसपा के रामजी शामिल हैं। बाकी सीटें बीजेपी के सदस्यों की हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल बनने के बाद उनकी सीट 11 सितंबर को ही खाली हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश से बीजेपी के अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा पांडेय, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी जैसे बड़े नेताओं का राज्यसभा में कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें से कई नेता ऐसे हैं, जो फिलहाल केंद्र सरकार में बड़े पदों पर हैं और उन्हें आगे भी इन पदों पर बने रहने के लिए राज्यसभा में वापसी करना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को मंत्री पद पर बने रहने के लिए दोबारा संसद के किसी सदन का सदस्य बनना होगा। बीजेपी में बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा भेजने को लेकर चर्चा है। वह ओबीसी समुदाय से आते हैं और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी उनके नाम पर विचार कर सकती है।
वहीं 74 वर्षीय हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी पार्टी में चर्चा है। उनके राज्यसभा में दोबारा जाने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि पुरी स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी पुरी की जगह किसे राज्यसभा का टिकट देगी।
पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल भी राज्यसभा के लिए दावेदार माने जा रहे हैं। वह दलित समुदाय से आते हैं। बृजलाल उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसके अलावा दो महिला राज्यसभा सांसदों सीमा द्विवेदी और चंद्रप्रभा पांडेय का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। सीमा द्विवेदी बीजेपी का ब्राह्मण चेहरा मानी जाती हैं। वह तीन बार विधायक रह चुकी हैं। वहीं चंद्रप्रभा पांडेय ओबीसी समुदाय से आती हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। दोनों के विधानसभा चुनाव लड़ने की भी चर्चा है।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर के नाम पर भी बीजेपी में मंथन चल रहा है। नीरज शेखर राजपूत समुदाय से आते हैं और दोबारा राज्यसभा जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। वहीं, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना को लेकर भी चर्चा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के संभावित दावेदारों में शामिल हैं। दोनों नेता 2024 का लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति ईरानी के नाम को लेकर है। बीजेपी के सामने यह विकल्प है कि उन्हें राज्यसभा भेजा जाए या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा जाए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जातीय समीकरण और भविष्य में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों को तय कर सकती है।