TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी हार के बाद से टीएमसी में उथल-पुथल मची हुई है। ममता बनर्जी को 15 साल बाद सत्ता गंवानी पड़ी है। हालिया चुनाव में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को महज 80 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद सबसे बड़ी झटका ममता बनर्जी को तब लगा, जब टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी से निकाले जा चुके संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बगावत कर दी। बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में अपना नेता घोषित कर दिया, जिसे स्पीकर ने भी मान्यता दे दी है।
ममता की पार्टी का युद्ध यहीं खत्म होता नहीं दिख रहा है। विधायकों के बाद अब सांसदों के भी बगावत करने की अटकले हैं। ऐसी चर्चा है कि टीएमसी के 23 सांसद बागी गुट के साथ संपर्क में हैं। इससे पहले 20 सांसदों के केंद्र और सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में जाने की भी चर्चा थी। टीएमसी में चल रही बगावत के बीच बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के एक बयान से सस्पेंस और बढ़ गया है। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि थोड़ा धैर्य रखिए, अभी बहुत कुछ हो सकता है।
बता दें कि शुक्रवार को कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी से टीएमसी के 20 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को लेकर सवाल पूछा गया था। इस सवाल पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पिछले सात दिन से मेरी किसी भी सांसद से बात नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने किसी भी सांसद से कोई बात नहीं होने को आधार बनाते हुए कहा कि इसलिए ये नहीं बता सकता कि सांसद क्या कदम उठाएंगे।
बागी गुट की ओर से नेता प्रतिपक्ष बने ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि मैं वर्तमान में जीता हूं। कल क्या होगा, ये कोई नहीं कह सकता। खबरों के मुताबिक टीएमसी में अगले हफ्ते टूट हो सकती है। 23 सांसद भी बागी विधायक गुट के साथ जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में टीएमसी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ये सांसद अभिषेक बनर्जी से नाराज बताए जा रहे हैं और यह सांसद भी विधायकों की तरह अलग गुट बना सकते हैं।
बता दें कि टीएमसी के लोकसभा में कुल 28 सांसद हैं। ऐसे में दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए सांसदों के अलग गुट को 19 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि सांसदों की बगावत का नेतृत्व TMC के एक बहुत ही वरिष्ठ सांसद कर रहे हैं। अगर राज्यसभा की बात करें तो ऊपरी सदन में भी टीएमसी के 13 सांसद हैं। राज्यसभा में अलग गुट की मान्यता के लिए नौ सांसदों का समर्थन जरूरी होगा।
इस बीच अब ममता बनर्जी भी एक्टिव मोड में आ गई हैं। ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर आज बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक 5 जून की शाम चार बजे से शुरू होनी है। ममता बनर्जी के घर इस बैठक में टीएमसी के करीब-करीब सभी बड़े नेताओं को बुलाया गया है।
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बता दें कि टीएमसी के नाम-निशान को लेकर भी अब कयासों का दौर तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने 28 साल पहले बनाई गई अपनी ही पार्टी का नाम और निशान अपने पास बनाए रखने की चुनौती है। ममता बनर्जी की अगुवाई में होने जा रही इस मीटिंग में आगे की रणनीति तय पर चर्चा होनी है।