अखिलेश यादव (फोटो- सोशल मीडिया) 
देश

लोकसभा: संविधान पर चर्चा पर बोले अखिलेश- मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का हो रहा कुत्सित प्रयास

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजसरकार पर संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का हनन करने का आरोप लगाया और दावा किया कि देश के मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का प्रयास हो रहा है।

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज शुक्रवार को सरकार पर संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का हनन करने का आरोप लगाया और दावा किया कि देश के मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि यदि यह सरकार जाति जनगणना नहीं कराती है तो विपक्ष में बैठे लोग सत्ता में आएंगे तो इसे जरूर कराएंगे।

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान कहता है कि सरकार की नजर में सभी समान हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘देश के अल्पसंख्यकों और विशेषकर मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का प्रयास हो रहा है, उन पर हमला किया जा रहा है, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।''

वहीं सपा नेता अखिलेश ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं और विधानसभा उपचुनाव के समय लोगों को मतदान से रोका गया। यादव ने कहा कि संविधान ने ही विविधताओं से भरे इस देश को एक सूत्र में बांधकर रखा है। उनका कहना था कि संविधान 90 प्रतिशत पीड़ित और शोषित जनता का सबसे बड़ा संरक्षक है।

इस बाबत अखिलेशन यादव ने कहा कि ‘पीडीए' (पिछड़ा, दलित अल्पसंख्यक) के लिए संविधान जीवन और मरण का विषय है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद देश में विषमता जिस तेजी के साथ बढ़ी है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। यादव ने कहा, ‘‘आज 82 करोड़ लोग सरकारी अन्न पर जिंदा है।।। अर्थव्यवस्था ऊंचाई पर जा रही है तो 60 प्रतिशत लोगों की प्रति व्यक्ति आय क्या है?'' उन्होंने आरोप लगाया कि आज ‘‘हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजने की कोशिश करके माहौल खराब किया जा रहा है।'' यादव ने कहा, ‘‘मैं उच्चतम न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं कि उसने इस पर अंकुश लगाया।''

सपा सांसद अखिलेश यादव ने आज यह भी कहा कि, मोदी सरकार में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हुआ है, इतना कभी नहीं हुआ। संविधान बचेगा तो न्याय बचेगा और न्याय बचेगा तभी सबको बराबर मौके मिलेंगे। भेदभाव भी मिटेगा। इसलिए आज फिर से संविधान को बचाने के लिए एक और करो या मरो आंदोलन की जरूरत है।

वहीं पिछले चुनाव में भी बहुत सारे सत्तापक्ष के माननीय कहते थे कि हमें इतनी सीटें मिल जाएंगी तो संविधान ही बदल देंगे। मैं जनता को धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने 400 पार के नारे को ही औंधे मुंह गिरा दिया। और उनके सपने को तोड़ दिया। बहुत सारे साथी इधर के ही उधर हैं। अगर उधर वाले इधर आ गए तो उसी दिन ये सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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