तेलंगाना के निलंबित कांग्रेस MLC के ऑफिस पर हमला 
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तेलंगाना में निलंबित कांग्रेस MLC पर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, के. कविता का मामला

Telangana के निलंबित कांग्रेस MLC तीनमार मल्लन्ना के ऑफिस पर लोगों ने गोलीबारी कर दी, यह मामला BRS नेता के. कविता पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर बताया जा रहा है। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।

सौरभ शर्मा

Telangana MLC office attack: तेलंगाना की राजनीतिक चर्चा एक बार फिर गरम है। कांग्रेस से निलंबित एमएलसी चिंतापंडु नवीन उर्फ तीनमार मल्लन्ना के कार्यालय पर रविवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। यह हमला कथित तौर पर बीआरएस नेता के. कविता पर की गई उनकी विवादित टिप्पणी को लेकर हुआ। हमले के दौरान तोड़फोड़, मारपीट और हवा में फायरिंग स्थिति सामने आई है। मल्लन्ना ने दावा किया कि ये हमला उनकी जान लेने की कोशिश की गई, जबकि कविता ने उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर सरकार और महिला आयोग से शिकायत की है।

घटना के वक्त मल्लन्ना अपने कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ उनके स्टाफ को पीटा बल्कि उनके सुरक्षाकर्मी का हथियार छीनने की भी कोशिश की। जान बचाने के लिए सुरक्षागार्ड ने हवा में गोलियां चलाईं। घटना के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि हमलावर कार्यालय के अंदर घुसे और वहां मौजूद कर्मचारियों पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है।

कविता ने जताई नाराजगी, गिरफ्तारी की मांग

बीआरएस नेता के. कविता ने मल्लन्ना की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए विधान परिषद अध्यक्ष गुथा सुखेंदर रेड्डी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मल्लन्ना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कविता ने चेताया कि अगर ऐसे बयानों पर सख्ती नहीं दिखाई गई तो राज्य की महिलाएं समझेंगी कि सरकार इस तरह की भाषा का समर्थन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले को तेलंगाना राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग तक ले जाएंगी।

चश्मदीदों के दावे, विपक्ष का सरकार पर निशाना

घटना के प्रत्यक्षदर्शी फसीउद्दीन ने कहा कि करीब 15-20 लोग कार्यालय में घुसे और कर्मचारियों को बुरी तरह पीटा। उनका मकसद सीधे मल्लन्ना पर हमला करना था। कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हैं। भारत चैतन्य युवजन पार्टी के अध्यक्ष बोडे रामचंद्र यादव ने भी हमले की निंदा करते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की साजिश बताया है।

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