सीएम एमके स्टालिन (Image- Social Media) 
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जिसने BJP को बनाया अजेय, चुनाव से पहले स्टालिन ने उसी योजना पर लगाया दांव! महिलाओं के खाते में आए 5000 रुपये

MK Stalin Women's Rights Scheme: एमके स्टालिन पूरी तरह से हेमंत सोरेन की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोबारा सत्ता में आने पर वह महिलाओं को मिलने वाली राशि बढ़ाकर दोगुना कर देंगे।

अर्पित शुक्ला

Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजने वाली योजना शुरू कर दी गई है। पिछले दो साल में कई राज्यों में सत्ताधारी पार्टियों ने इसी तरह की योजनाओं से चुनाव में सफलता पाई है। तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में अप्रैल में यहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 1.31 करोड़ लाभार्थियों के खाते में पैसे भेजे हैं।

योजना और खास बातें

एमके स्टालिन ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का तरीका अपनाते हुए महिलाओं के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की योजना लागू की है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि दोबारा सरकार बनने पर इस राशि को दोगुना कर देंगे।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया, "तमिलनाडु की महिलाओं के लिए यह ‘विमेंस राइट्स ग्रांट’ स्टालिन का दिया हुआ वादा है। कोई भी रुकावट डालने की कोशिश करे, मैं पीछे नहीं हटूंगा। चुनाव का बहाना बनाकर वे इसे तीन महीने के लिए रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने उनसे पहले काम कर लिया है। फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए एडवांस के तौर पर 3,000 रुपये और 2,000 रुपये का समर स्पेशल पैकेज। कलैगनार विमेंस राइट्स स्कीम की सभी 1.31 करोड़ लाभार्थियों के खाते में आज सुबह कुल 5,000 रुपये भेजे गए हैं। द्रविड़ मॉडल 2.0 के तहत, हम 1,000 रुपये वाली विमेंस राइट्स ग्रांट को बढ़ाकर 2,000 रुपये करेंगे। यह वादा करुणानिधि स्टालिन अपनी बहनों से कर रहे हैं।"

महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं का चुनावी असर

महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाएं 2023 से ही चुनाव जीतने की गारंटी बन गई हैं। मध्य प्रदेश में लाडली बहन योजना से इसका आरंभ हुआ था। इसके बाद झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में इसी मॉडल के दम पर चुनाव जीते गए।

अब एमके स्टालिन भी इसी रणनीति के तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाकर चुनाव में सफलता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका तरीका पूरी तरह हेमंत सोरेन के मॉडल से मिलता-जुलता है, जिन्होंने पहले योजना शुरू की और चुनाव जीतने के बाद राशि बढ़ाई।

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