Haryana News: हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने सूरजकुंड मेले में झूले के गिरने से हुए हादसे पर एक बयान दिया है, जो काफी चर्चा का विषय बन गया है। शर्मा ने कहा कि यह हादसा भगवान की मर्जी से हुआ जबकि झूले अच्छी हालत में थे। शर्मा के इस बयान पर बवाल मचने के आसार साफ नजर आ रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा, "जहां तक सर्टिफिकेशन की बात है, सभी झूलों को रोज़ाना प्रशासन द्वारा सर्टिफाइड किया जाता है। आज भी (हादसे से पहले) इसे सर्टिफाइड किया गया था लेकिन यह हादसा भगवान की मर्जी से हुआ जो नहीं होना चाहिए था।"
आम आदमी पार्टी के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने टूरिज्म मिनिस्टर अरविंद शर्मा के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "हरियाणा सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि यह हादसा सरकार की गलती से नहीं बल्कि भगवान की मर्जी से हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि जब डिप्टी कमिश्नर ने झूले फिट होने का फर्जी सर्टिफिकेट जारी किया तो FIR सिर्फ वेंडर के खिलाफ क्यों है? डिप्टी कमिश्नर एक सीनियर ऑफिसर हैं; ADC की जांच कमेटी उनकी जांच कैसे करेगी? नायब सिंह सरकार सूरजकुंड में हुई लापरवाही को छिपाने की कोशिश कर रही है।
सूरजकुंड मेले में झूले गिरने का एक वीडियो भी सामने आया है और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें झूला ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिरता हुआ दिख रहा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी के कारण हुआ या सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में कोई लापरवाही हुई थी।
यह हादसा 'सुनामी' नाम के झूले पर हुआ, जिस पर उस समय लगभग 18 लोग सवार थे। इस हादसे में ग्यारह लोग घायल हो गए। झूला अचानक ऊपर जाकर रुक गया, जिससे उस पर सवार लोगों में दहशत फैल गई। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए जान बचाने में मदद की।
झूला गिरने के बाद वहां तैनात पुलिस अधिकारी जगदीश प्रसाद ने फुर्ती दिखाते हुए लोगों को रेस्क्यू करने का काम किया। लेकिन इस दौरान उन्हें भी कई गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।