प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो - सोशल मीडिया  
देश

Places of Worship Act: सुप्रीम कोर्ट आज करेगा पूजा स्थल कानून से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई, जानिए क्यों लाया गया था ये कानून?

सुनवाई के दौरान CJI संजीव खन्ना ने कहा था कि हमारे सामने 2 मामले हैं, मथुरा की शाही ईदगाह और वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद। तभी अदालत को बताया गया कि देश में ऐसे 18 से ज्यादा मामले लंबित हैं।

विकास कुमार उपाध्याय

नवभारत डिजिटल डेस्क : प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट से जुड़ी 7 याचिकाओं को लोकर आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। दरअसल, बीते 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की याचिका पर राजी हुआ था। उनकी याचिका को पहले से पेंडिंग 6 याचिकाओं के साथ जोड़ा गया है। इस तरह से सुप्रीम कोर्ट आज 17 फरवरी को 7 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है।

बता दें, ओवैसी ने याचिका में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 (पूजा स्थल कानून) को लागू करने की मांग की है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस कानून के मुताबिक, 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता है।

सुनवाई के दौरान CJI संजीव खन्ना ने क्या कहा था?

सुनवाई के दौरान CJI संजीव खन्ना ने कहा था कि हमारे सामने 2 मामले हैं, मथुरा की शाही ईदगाह और वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद। तभी अदालत को बताया गया कि देश में ऐसे 18 से ज्यादा मामले लंबित हैं। इनमें से 10 मस्जिदों से जुड़े हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से याचिकाओं पर 4 हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा था। CJI संजीव खन्ना ने उस वक्त साफ तौर पर कहा था कि जब तक केंद्र जवाब नहीं दाखिल करता है हम सुनवाई नहीं कर सकते। हमारे अगले आदेश तक ऐसा कोई नया केस दाखिल ना किया जाए।

क्यों बनाया गया था प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट?

बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ से रथयात्रा निकाली थी। इसे 29 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचना था, लेकिन 23 अक्टूबर को उन्हें बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया था। बता दें, तब के मुख्यमंत्री लालू यादव ने गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। इस गिरफ्तारी का असर यह हुआ कि केंद्र में जनता दल की वीपी सिंह सरकार गिर गई, जो भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से चल रही थी। देश से जुड़ी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर टैप करें... 

क्यों लाया गया था ये कानून?

इसके बाद वीपी सिंह से अलग होकर चंद्रशेखर ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई, लेकिन यह भी ज्यादा नहीं चल सकी। नए सिरे से चुनाव हुए और केंद्र में कांग्रेस की सरकार आई। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। राम मंदिर आंदोलन के बढ़ते प्रभाव के चलते अयोध्या के साथ ही कई और मंदिर-मस्जिद विवाद उठने लगे थे। इन विवादों पर विराम लगाने के लिए ही नरसिम्हा राव सरकार प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट बनाई थी।

Jantar Mantar Protest LIVE: जंतर मंतर पर बवाल, 500 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए

Gandhian Freedom Struggle: महात्मा गांधी के वो आंदोलन जिन्होंने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, SIT जांच से फॉरेंसिक ऑडिट तक, 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

आकाश आनंद ने फिर खेला बुआ कार्ड, मायावती से मांगी माफी, कहा- कभी किसी और पार्टी में नहीं जाऊंगा

अलनीनो के कहर से देश के 282 जिलों में सूखे का खतरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक होंगे सबसे अधिक प्रभावित