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मौत का कफ सिरप! MP से लेकर राजस्थान तक बच्चों की रहस्यमयी मौतें, कई राज्यों में मचा हड़कंप

Deaths Of Children: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक मासूम बच्चों की रहस्यमयी मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। मध्यप्रदेश में अब तक 6 जबकि राजस्थान में 1 बच्चे की जान जा चुकी है।

पूजा सिंह

Mysterious Deaths Of Children Cause Panic: मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों की रहस्यमयी मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब तक कई मासूम बच्चों की जान जा चुकी है और लगभाग सभी मामलों में एक जैसी स्थिति सामने आई है। सभी बच्चों की किडनी फेल होने से मौत होने की बात कही जा रही है। बच्चों की मौत का आकंड़ा बढ़ने से सरकार और प्रशासन सकते में है।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 22 दिनों के अंदर 6 बच्चों की मौत हुई है। वहीं राजस्थान में एक बच्चे की जान जा चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि इन सभी बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हुई है। आशंका जताई जा रही है कि 'कफ सिरप' पिने की वजह से इन बच्चों की मौत हुई है। क्योंकि सभी को शुरुआत में सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी शिकायतें थीं। बताया जा रहा है कि, इन्होंने कुछ ब्रैंड की कफ सिरप का इस्तेमाल किया था। वहीं, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कफ सिरप की बात को निराधार बताया है।

MP में 22 दिनों में 6 बच्चों की हुई मौत

एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक 4 सितंबर से 26 सितंबर के बीच किडनी संबंधी दिक्कतों की वजह से छिंदवाड़ा जिले में 6 बच्चों की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों का कहना है कि बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसा शुरुआती लक्षण देखा गया था। इसके बाद उनकी किडनी प्रभावित हुई और स्थिति बिगड़ गई। वहीं, चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर डॉ. नरेश गुन्नाडे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की टीमों को किडनी फेल होने की वजहों का पता लगाने के लिए बुलाया गया है। टीम ने सैंपल लिए हैं और जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट का अब भी इंतजार है।

4 से 7 सितंबर के बीच 3 बच्चों की हुई मौत

वहीं एक डॉक्टर का कहना है कि, '22 अगस्त को छिंदवाड़ा के परासिया में कुछ बच्चों में बुखार की शिकायतें आईं। बाद में मौतों की सूचना मिली। वहीं 4 से 7 सितंबर के बीच नागपुर के एक निजी अस्पताल में 3 बच्चों की मौत हुई। शुरुआती जांच में पता चला कि बच्चों को यहां निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था और फिर नागपुर शिफ्ट कर दिया गया। वे परासिया सरकारी अस्पताल नहीं आए थे।'

कफ सिरप की बिक्री पर रोक

वहीं सीएमएचओ (CMHO) ने कहा, 'मामला आने के बाद परासिया सरकारी अस्पताल में 10 बिस्तरों का एक वार्ड बनाया गया है।  उनका कहना है कि, अभी तक 4 से 26 सितंबर के बीच 6 बच्चों की मौत हुई है। वजह है किडनी का फेल होना। इसके साथ ही CMHO ने कहा कि, 'कुछ दवाओं को बैन किया गया है, जिनमें कुछ कफ सिरप भी हैं, जो मृत बच्चों के घर से मिले थे और इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने तक इन दवाइयों की बिक्री रोक दी गई है।

राजस्थान में 1 बच्चे की गई जान

एमपी के छिंदवाड़ा में अब तक 6 बच्चों की मौत हुई है, वहीं राजस्थान के सीकर में भी एक बच्चे की मौत हुई है, जिसे कफ सिरप से जोड़ा जा रहा है। राजस्थान मेडिकल कॉर्पोरेशन ने 19 बैच के सिरप को बिक्री और इस्तेमाल से बैन कर दिया है।

MP के डिप्टी CM ने कफ सिरप की बता को निराधार बताया

वहीं मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बच्चों की मौत कफ सिरप से होने की बात को नकारा दिया है। उनका कहना है कि जिन बच्चों की मौत हुई है, उनकी जांच रिपोर्ट भेजी गई है, जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है।

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