Shashi Tharoor News: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को केरल स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की जीत की तारीफ़ तो की। लेकिन उन्होंने अपने तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र में BJP के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर उसे बधाई भी दी और इसे "लोकतंत्र की खूबसूरती" बताया।
तिरुवनंतपुरम के सांसद ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि लोगों के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह कुल मिलाकर UDF के लिए हो या उनके निर्वाचन क्षेत्र में BJP के लिए। उन्होंने लिखा, "केरल स्थानीय स्वशासन चुनावों में क्या शानदार नतीजा आया है! जनादेश साफ़ है, और राज्य की लोकतांत्रिक भावना चमक रही है।"
BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में नगर निगम चुनावों में शानदार जीत हासिल की। NDA ने CPI(M) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) को हराया। जिससे निगम में 45 साल के लगातार वामपंथी शासन का अंत हो गया।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से BJP ने 50, LDF ने 29, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 19 और दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं। इसके अलावा NDA ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के साथ कड़ी टक्कर के बाद पलक्कड़ नगर पालिका को बरकरार रखा और थ्रिप्पुनिथुरा नगर पालिका में कांग्रेस को हराया।
पिछले लोकसभा चुनावों में BJP के सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट जीती थी। इस निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाली कोडुंगल्लूर नगर पालिका में BJP ने 46 में से 18 वार्ड जीते, त्रिशूर निगम में आठ, गुरुवायूर और वडक्कनचेरी नगर पालिकाओं में दो-दो, कुन्नमकुलम नगर पालिका में सात, इरिंजलकुडा नगर पालिका में छह और चलाकुडी नगर पालिका में एक वार्ड जीता। BJP ने त्रिशूर जिले की ब्लॉक पंचायतों में चार वार्ड और ग्राम पंचायतों में 167 वार्ड भी जीते, लेकिन जिला पंचायत में अपना खाता खोलने में विफल रही।
यह भी पढ़ें: शशि थरूर ने कांग्रेस को हरवाया, अब राहुल दिखाएंगे बाहर का रास्ता? जानें केरल में क्या खिचड़ी पक रही
कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 2025 के केरल स्थानीय निकाय चुनावों में निर्णायक जीत हासिल की है, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चे को झटका लगा है। इसे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले UDF के लिए एक बड़ा फ़ायदा माना जा रहा है, क्योंकि LDF की तरफ से अलग-अलग वेलफेयर स्कीम के ज़रिए वोटरों को लुभाने की आखिरी कोशिशें नाकाम रही हैं।