AAP नेता सौरभ भारद्वाज (फोटो- सौरभ शर्मा) 
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'शाहरुख खान गद्दार तो हसीना को बिरयानी क्यों खिला रही सरकार?' विवाद पर AAP ने BJP पर बोला तीखा हमला

IPL में एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर मचा बवाल सियासीत में तब्दील हो गया। KKR से मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने के फैसले का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं अब AAP ने इस मुद्दे पर BJP को जवाब दिया।

सौरभ शर्मा

Shah Rukh Khan KKR Controversy AAP vs BJP: IPL में एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर मचा बवाल अब क्रिकेट के मैदान से निकलकर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया है। जहां एक तरफ शाहरुख खान को गद्दार बताते हुए उनकी टीम केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने के फैसले का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं अब आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर बीजेपी को करारा जवाब दिया है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सीधा सवाल दागते हुए पूछा है कि अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी से इतनी नफरत है, तो मोदी सरकार शेख हसीना को बिरयानी क्यों खिला रही है।

यह पूरा सियासी ड्रामा तब शुरू हुआ जब बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि बीसीसीआई ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है। इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने बीजेपी की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो एक खिलाड़ी को बाहर करने के लिए पूरा जोर लगा दिया गया, लेकिन दूसरी तरफ उसी देश की पूर्व प्रधानमंत्री को भारत में शाही मेहमान बनाकर रखा गया है।

घुसपैठियों की संरक्षक को वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों?

सौरभ भारद्वाज ने अमित मालवीय के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को यह बताना चाहिए कि 2009 से 2024 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को भारत में शरण क्यों दी गई है। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं 15 वर्षों के दौरान बीजेपी ने लगातार आरोप लगाया था कि शेख हसीना की सरकार ने भारत में लाखों घुसपैठिए भेजे हैं। भारद्वाज ने सवाल किया कि जब बीजेपी खुद मानती है कि उनके राज में भारत में अवैध घुसपैठ हुई, तो आज मोदी सरकार उसी पूर्व प्रधानमंत्री को बिरयानी क्यों खिला रही है। यह दोहरा रवैया जनता की समझ से परे है।

हिंदुओं पर अत्याचार और केकेआर का यू-टर्न

दरअसल, यह पूरा विवाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से जुड़ा है। वहां इंकलाब मंच के उस्मान शरीफ हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। दीपू चंद्र और खोकन दास जैसे निर्दोष लोगों की मॉब लिंचिंग ने भारत में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। इसी आक्रोश के चलते जब शाहरुख खान की टीम ने मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा, तो भाजपा नेताओं और संत समाज ने शाहरुख को गद्दार कहते हुए कड़ा विरोध जताया था। जनभावनाओं के इस उफान और चौतरफा दबाव को देखते हुए ही बीसीसीआई ने केकेआर को निर्देश दिया, जिसके बाद मुस्तफिजुर को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

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