हाथरस मामले पर सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगी सुनवाई ( फोटो सौजन्यः सोशल मीडिया) 
देश

हाथरस भगदड़ मामले पर सुनवाई करने से SC ने किया इंकार, हाईकोर्ट जाने का दिया निर्देश

हाथरस कांड में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। कोर्ट की तरफ से याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई है। सीजेआई की ओर से कहा गया कि निश्चित तौर पर ये चिंताजनक और गंभीर मामला है, लेकिन हाईकोर्ट भी इस मामले पर सुनवाई कर उचित फैसला देने में समर्थ है

शानू शर्मा

नई दिल्ली: हाथरस कांड में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने से आज (शुक्रवार)  मना कर दिया है। कोर्ट की ओर से कहा गया क निश्चित तौर पर ये चिंताजनक और गंभीर मामला है, लेकिन हाईकोर्ट भी इस मामले पर सुनवाई कर उचित फैसला देने में समर्थ है। इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता विशाल तिवारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ की ओर से कहा गया कि यह घटना काफी परेशान करने वाली है। वहीं वकील विशाल तिवारी की ओर से कहा गया कि इस तरह की घटना में मेडिकल सुविधाओं की कमी पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। इसलिए इस जनहित याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में की जा सकती है।

योगी सरकार का एक्शन

बता दें कि इस मामले में SIT की जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा चुकी है। इस मामले में आयोजनकर्ता और प्रशासन की लापरवाही बताई गई थी। जिसपर एक्शन लेते हुए योगी सरकार ने 6 लोगों को सस्पेंड कर दिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि आयोजकों ने बिना पुलिस के वेरिफिकेशन के लोगों को आमंत्रित किया। अनुमान से अधिक लोग सत्संग सुनने पहुंचे। जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना घटी। घटना में मारे गए लोगों में सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाएं थी। अब इस मामले की जांच रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार सिंह, रिटायर्ड आईपीएस हेमंत राव और रिटायर्ड न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग द्वारा भी की जा रही है।

बाबा पर कोई केस नहीं

इस मामले में अबतक सत्संग का आयोजक और भोले बाबा का नजदीकी देवप्रकाश मधुकर समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सत्संग करने वाले भोले बाबा के नाम पर अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि उनके करतूतों को लेकर कई चिट्ठियां खुलनी शुरू हो गई है। भोले बाबा पर आरोप लगाया जा रहा है कि वो केवल कुवांरी लड़कियों को शिष्य बनाता था। उन्हें विशेष दीक्षा दी जाती थी, हालांकि शादीशुदा महिलाएं केवल बाबा के दर्शन ही कर पाती थीं।

Africa Delivery Apps: अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स IND के स्टार्टअप्स से सीख सकते हैं डिलीवरी का तरीका: रिपोर्ट

Vande Mataram Row: सोनिया गांधी की बढ़ीं मुश्किलें! BJP नेता ने दर्ज कराई शिकायत, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

तिरंगे का सफर: एक झंडा, 120 साल की कहानी, 1906 से 1947 तक ऐसे बदला भारत का राष्ट्रीय ध्वज...

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

NEET Paper Leak Student Protest: राहुल गांधी बोले- युवाओं का साहस काबिल-ए-तारीफ, सत्ता से जवाब मांगना उनका हक