पटना: हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी (Santosh Manjhi Resign) के मंगलवार (13 जून) को अपने इस्तीफे दे दिया है। जिसके बाद कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं, जनता दल यूनाइटेड ने भी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh) ने कहा कि संतोष मांझी (Santosh Manjhi) ने त्यागपत्र दिया है। त्यागपत्र की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने स्वीकार कर लिया है। पत्र में लिखा गया है कि निजी कारणों से अब हम आगे साथ चलने में असमर्थ हैं। ऐसे में अब हमलोग मानते हैं कि उन्होंने महागठबंधन छोड़ दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि अब उनकी (संतोष मांझी) जगह पर किसको मंत्री बनाया जाएगा ये मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। ललन सिंह ने कहा कि पूरे देश की पार्टियां एक हो रही हैं, 17 पार्टियां यहां आ रही हैं। पूरे देश में विपक्ष एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ेगी।
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वहीं, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे बढ़ाने का काम किया। यहां तक कि बिहार का मुख्यमंत्री तक बनाया। हमलोगों के साथ जब थे तो अपने कोटे से उनके बेटे संतोष मांझी को एमएलसी बनाया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो संतोष मांझी को मंत्री बनाया। अभी भी कोई ये नहीं कह सकता है कि सम्मान नहीं दिया गया। हमेशा सम्मान दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब पुनः हमलोग महागठबंधन में आए तो उसमें भी संतोष मांझी को मंत्री बनाया गया।चिट्ठी में साफ लिखा है कि निजी कारणों के चलते वे(संतोष मांझी) साथ नहीं चल सकते। चिट्ठी से स्पष्ट है कि वे महागठबंधन का अंग नहीं रहना चाहते है। अब उनकी क्या सोच है इस पर तो हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
डॉक्टर संतोष कुमार के इस्तीफे पर भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि संतोष मांझी के इस्तीफे से पता चलता है कि 'महागठबंधन' टूटने की कगार पर है। लोग जानते हैं कि अब नीतीश कुमार और उनकी पार्टी का कोई भविष्य नहीं है. मांझी का समझौता राजद से नहीं, जदयू से था इसलिए उन्होंने छोड़ा।