नीतीश कुमार, नितिन नवीन और शरद पवार, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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राज्यसभा बनी पावरहाउस, खरगे-पवार के साथ अब नीतीश और नितिन नवीन; संसद में दिखेगा पार्टी प्रमुखों का असली दम

Party Presidents In Parliament: हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में बिहार से 3 पार्टी प्रमुख निर्वाचित हुए हैं। जदयू के नीतीश कुमार, नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।

मनोज आर्या

Political Party Presidents In Parliament: देश की संसद में इस बार कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। ऐसा पहले भी होता रहा है, लेकिन इस बार जैसा पहले कभी नहीं हुआ। संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक दलों के कम से कम 6 प्रमुखों की एंट्री हो गई है। हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में अकेले बिहार से ही 3 पार्टी प्रमुख निर्वाचित हुए हैं। जदूयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।

बिहार के अलावा महाराष्ट्र से एनसीपी के शरद पवार भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। वहीं, लोकसभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, हिंदुस्तान अवामी मोर्चा (HAM) सुप्रीमो जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान पहले से ही मौजूद हैं।

जदयू अध्यक्ष नीतीश की राज्यसभा में एंट्री

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। बिहार की राजनीति के ‘सुशासन बाबू’ के रूप में प्रसिद्ध नीतीश कुमार लंबे समय से विकास, सामाजिक न्याय और राजनीतिक स्थिरता के प्रतीक रहे हैं। राज्यसभा में उनका पहुंचना एनडीए के लिए मजबूती का संकेत है। नीतीश कुमार का संसदीय अनुभव काफी समृद्ध है। वे पहले लोकसभा और विधानमंडल दोनों सदनों में रह चुके हैं।

राज्यसभा पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी नीतीश कुमार के साथ ही राज्यसभा पहुंचे हैं। वे बिहार के बांकीपुर से विधायक रह चुके हैं और हाल में विधायक पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। युवा और गतिशील नेता के रूप में उभरे नितिन नवीन पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्यसभा में उनका आना भाजपा के लिए नई ऊर्जा का प्रतीक बनेगा। पार्टी अध्यक्ष के रूप में वे संगठनात्मक कार्यों के साथ-साथ संसदीय रणनीति पर भी नजर रखेंगे।

पहले से ही राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहले से ही राज्यसभा के सदस्य हैं और सदन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अनुभवी नेता खरगे विपक्ष की मजबूत आवाज के रूप में जाने जाते हैं। वे सामाजिक न्याय, आर्थिक असमानता, किसानों के मुद्दों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर लगातार बोलते रहे हैं। खरगे की उपस्थिति संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रखती है। वे सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए रचनात्मक सुझाव भी देते हैं।

शरद पवार और उपेंद्र कुशवाहा की हुई एंट्री

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार फिर राज्यसभा पहुंचे हैं। अनुभवी किसान नेता पवार कृषि नीतियों, सहकारिता और महाराष्ट्र के विकास पर अपनी विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी उपस्थिति विपक्ष को मजबूती देगी और बहु-आयामी बहस को बढ़ावा देगी। एनडीए के घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा पहुंचे हैं। वे बिहार की पिछड़ी जातियों और किसानों के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। एनडीए घटक के रूप में उनकी भूमिका गठबंधन की एकता को मजबूत करेगी। कुशवाहा शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास पर फोकस करेंगे।

HAM के मांझी व LJPR के चिराग भी सदन में

जीतन राम मांझी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख हैं। वे 2024 में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। महादलित समुदाय के प्रतीक मांझी सामाजिक न्याय और बिहार के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जाने जाते हैं। लोकसभा में उनकी उपस्थिति निचले सदन को विविधता प्रदान करती है। वे सरकार और विपक्ष दोनों के साथ संतुलित रुख रखते हैं। लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी लोकसभा में मौजूद हैं। वे भी मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य हैं। कम उम्र में राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी बन चुके चिराग पासवान अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर हैं।

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