Rahul Gandhi Speech In Lok Sabha On Women Reservation Bill: संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर अपना पक्ष रख रहे हैं। इस बीच उन्होंने महिला आरक्षण को एक महत्वपूर्ण बिल बताया साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि साहस मेरे जीवन की बहुत बड़ी सीख है, इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को लेकर कहा कि हम सब ने महिलाओं से बहुत कुछ सीका, मां हो या फिर बहन हो दोनों से बहुत कुछ सीखा।
इसके अलावा राहुल गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर यह भी कहा कि यह बिल 2023 में पास हो चुका है और यह महिला आरक्षण बिल नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम दक्षिण के राज्यों की ताकत कम नहीं होने देंगे, साथ ही यह भी कहा कि हम सरकार को ऐसा नहीं करने देंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के स्पेशल सेशन में महिला रिजर्वेशन और डिलिमिटेशन पर बात की। राहुल गांधी ने साफ कहा कि महिलाएं हमारे देश की सोच में एक ड्राइविंग फोर्स हैं। हम सभी ने अपनी जिंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में परिसीमन बिल को लेकर कहा कि इस बिल का मकसद भेदभाव करना है। और इस बिल से उत्तर और दक्षिण में भेदभाव होगा। उन्होंने इस बिल को राष्ट्रविरोधी करार दिया। हालांकि आज से एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल को अमित शाह ने साफ कहा था कि दक्षिण की ताकत बड़ेगी और सीटें भी बड़ेगी।
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दरअसल, राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर की थी इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करती है। संसद ने 2023 में सर्वसम्मति से ये बिल पारित किया था जो अब हमारे संविधान का हिस्सा है। सरकार अब जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है। वो सिर्फ परिसीमन के जरिए सत्ता हथियाने का प्रयास है। जाति जनगणना के आंकड़ों को दरकिनार कर ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों से किसी हालत में “हिस्सा चोरी” बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ भी किसी कीमत पर अन्याय नहीं होने देंगे।