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Rahul Gandhi Mallikarjun Kharge: कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस समरोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अनुपस्थिति का कारण बताया है। आजादी के बाद संभवतः पहली बार ऐसा हुआ है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में विपक्ष के सर्वोच्च नेताओं में से कोई भी मौजूद नहीं था। अब इस मामले पर खुद कांग्रेस की तरफ से जवाब दिया गया है और बताया गया है कि ऐसा संविधान की गरिमा को बनाए रखने के लिए किया गया है।
आज तक के डिबेट शो दंगल में कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ अजय उपाध्याय ने कहा राज्यसभा और लोकसभा में विपक्ष के नेता का जो पद है, प्रधानमंत्री के बाद कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ अगले पंक्ति में बैठता रहा है। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक की सरकार में यही परंपरा रही है।
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अजय उपाध्याय ने आगे कहा, नेता विपक्ष चाहे जिस भी पार्टी का रहा हो, उसे अगली पंक्ति में बिठाए जाने का नियम रहा है, लेकिन जब राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने, पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनको अंतिम पंक्ति में बैठाया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। दोनों के पास संवैधानिक पद है, यह पद की गरिमा का मामला है, किसी व्यक्ति का मामला नहीं।
उन्होंने आगे यह कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति के साथ ऐसा किया जाना, संविधान की मर्यादा का हनन है और संविधान की मर्यादा के इसी हनन को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने अजय उपाध्याय के तर्क पर पलटवार करते हुए कहा कि आज सीट कहां थी, देखा आपने? कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैर मौजूदगी इस समय राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। दोनों पार्टी इस पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हुए नजर आ रही है।
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