Rahul Gandhi Attacks PM Modi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा और हमलावर रुख अपनाया है। राजधानी दिल्ली में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस' के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के शीर्ष नेतृत्व की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और वे नफरत या हिंसा के बिना भारत की संस्कृति को बचाने की इस लड़ाई को जारी रखेंगे।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों रात में ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 'भाजपा के चाणक्य' कहे जाने वाले अमित शाह संसद में आने से बच रहे हैं, क्योंकि वे पहली बार देश की जनता की अभिव्यक्ति और उनके गुस्से को महसूस कर रहे हैं। राहुल ने जोर देकर कहा कि जब तक प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा नहीं देंगे और अमित शाह अपने पद से नहीं हटेंगे, तब तक ये दोनों चैन की नींद नहीं सो पाएंगे, क्योंकि कांग्रेस पार्टी इन्हें लगातार जगाए रखने का काम करेगी।
भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने उन्हें 'जोकर' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी कार्यकर्ता ऐसे लोगों से मुकाबला कर रहे हैं जिन्हें न तो भारत के दर्शन (फिलॉसफी) की समझ है और न ही इसके इतिहास की कोई जानकारी है। राहुल ने तर्क दिया कि भारत को समझने के लिए केवल 3,000 साल पुराने इतिहास को देखना काफी नहीं है, बल्कि इसे आज के संदर्भ में वर्तमान समय में समझना अनिवार्य है।
राहुल गांधी ने वैश्विक पटल पर भारत की गिरती साख का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पश्चिम एशिया के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान, अमेरिका और रूस जैसे देश भारत के मित्र थे और भारत को इस संकट में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए थी। लेकिन असलियत में इसके उलट हुआ; भारत की जगह पाकिस्तान ने ले ली और वह मध्यस्थ की भूमिका में आ गया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी केवल देखते रह गए।
सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से गोपनीय जानकारी मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीन ने भारतीय सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है। राहुल के अनुसार, जब सैन्य स्तर की बैठकों में भारतीय सेना यह मुद्दा उठाती है, तो चीनी पक्ष प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का हवाला देता है जिसमें उन्होंने कहा था कि 'भारत की जमीन पर कोई कब्जा नहीं हुआ है'।
अंत में, राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी पीड़ा और भावनाएं व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने अपनी पूरी ताकत उन्हें रोकने में लगा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का एकमात्र उद्देश्य भारत पर एक ऐसी व्यवस्था थोपना है जिससे केवल प्रधानमंत्री और उनके कुछ करीबी खास लोगों को फायदा हो। उन्होंने संकल्प लिया कि कांग्रेस का काम इस व्यवस्था को तोड़ना और भारत की जनता को अपनी बात कहने का मौका देना है।