AAP Rajya Sabha Split 2026: राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव के बाद राज्यसभा में बीजेपी की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या 10 से घटकर 3 रह गई है।
राघव चड्ढा(Raghav Chadha) ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि उनके साथ AAP के 6 अन्य सांसद भी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने इन सांसदों का स्वागत मिठाई खिलाकर किया था।
हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी (AAP) के जिन सांसदों ने बगावत कर बीजेपी का दामन थामा, उनमें राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं। इन सभी के शामिल होने के बाद राज्यसभा में बीजेपी का आंकड़ा और प्रभाव दोनों बढ़ गए हैं। अब राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के केवल तीन सांसद बचे हैं, जो हैं संजय सिंह (राज्यसभा में पार्टी के नेता), नारायण दास गुप्ता और संत बलबीर सिंह। इस विलय के बाद AAP की भूमिका कमजोर हुई है, जबकि बीजेपी अब राज्यसभा में और अधिक मजबूती के साथ अपनी रणनीति आगे बढ़ा सकेगी।
AAP में हाल के राज्यसभा सांसदों के भाजपा में विलय के बाद टूट की चर्चा जोरों पर है। राज्यसभा सभापति द्वारा AAP के सात सांसदों के BJP में शामिल होने को मंजूरी देने से बीजेपी को राजनीतिक फायदा हुआ है, वहीं आम आदमी पार्टी के अंदर असंतोष और धड़ेबंदी की अफवाहें भी फैल रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार पंजाब के कई बड़े नेता राघव चड्ढा(Raghav Chadha) के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। हालांकि, AAP सांसद संजय सिंह ने इन बातों को अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये अफवाहें जानबूझकर BJP और राघव चड्ढा के खिलाफ फैलाई जा रही हैं। संजय सिंह के अनुसार, चड्ढा और अन्य राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पूरे पंजाब में उनके खिलाफ ‘विश्वासघात’ को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।